- बड़ी संख्या में विभिन्न दलों के नेता, अधिकारी व आमजन शहीद विजय सोरेंग को श्रद्धांजलि देने पहुंचे, कहा
- श्रद्धांजलि देने के बाद ताबूत पकड़ कर रो पड़े परिजन
- सरकार से शहीद के परिजनों को 10 की जगह 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गयी
- फरसामा गांव की समस्याएं प्राथमिकता के तौर पर दूर की जाये
गुमला-रांची : गुमला जिला वीरों की भूमि है. जितनी भी शहादत ले लो, शहीद होने से हम डरते नहीं. देश की सेवा ही हमारी आन, बान व शान है. एक थे परमवीर चक्र विजेता लांस नायक शहीद अलबर्ट एक्का, जिन्होंने अकेले पाकिस्तान को झुकने पर मजबूर कर दिया था.
यह लाल भी हमारे गुमला जिले का था, जिसने दम पर दिखाया हिंदुस्तान की ताकत. चैनपुर ब्लॉक के लाल नायमन कुजूर भी उरी हमले में शहीद हुए. इसी प्रकार अनगिनत शहीद हमारे गुमला जिला के हैं, जिनकी वीरता की कहानी आज भी गुमला में गूंज रही है. एक वीर सपूत फरसामा गांव के विजय सोरेंग का भी नाम गुमला जिला के वीर सपूतों की सूची में शामिल हो गया है. ये उदगार शहीद को श्रद्धांजलि देने फरसामा गांव पहुंचे तमाम लोगों के हैं.
शनिवार को फरसामा गांव पहुंचे जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा ने कहा कि विजय सोरेंग की शहादत को लोग युगो युग तक नहीं भूल पायेंगे.
उन्होंने सरकार से शहीद के परिजनों को 10 की जगह 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है. जिला परिषद के उपाध्यक्ष केडी सिंह ने कहा कि पूरे गुमला जिला को इस वीर सपूत पर गर्व है, जिन्होंने देश के लिए जान दी. कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रोशन बरवा ने कहा कि विजय सोरेंग हमारे बसिया प्रखंड के लाल थे, जिन्होंने देश के लिए जान दी है. उनकी शहादत को भुलाया नहीं जा सकता है.
श्री बरवा ने भी राज्य सरकार से शहीद के परिजनों को 10 की जगह 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि फरसामा गांव जो लंबे समय से विकास योजनाओं से महरूम है, इस गांव की समस्याओं को प्राथमिकता के तौर पर दूर की जाये.
गर्व है मुझे ऐसे छात्र पर : ऐमलेन टोपनो
शहीद की शिक्षिका एमलेन टोपनो (सेवानिवृत्त) ने बताया कि विजय सोरेंग ने वर्ग पांच, छह व सात की पढ़ाई जीइएल मध्य विद्यालय कुम्हारी से की है. उस दौरान मैं बच्चों को पढ़ाती थी. विजय सोरेंग आज्ञाकारी व होनहार छात्र थे. उनके शहीद होने से मुझे गर्व महसूस हो रहा है. विजय सोरेंग की शहादत पूरा देश याद रखेगा. विजय सोरेंग की देश सेवा पर पूरे देश को फक्र है. मैं सभी छात्रों से भी कहूंगी कि आप भी फौज में नौकरी कर देश की सेवा करें.
विजय सोरेंग शांत स्वभाव का था : अजीत
सीआरपीएफ के वरीय अधिकारी अजीत कुमार ने कहा कि विजय सोरेंग ने 2013 से 2018 तक मेरे अंतर्गत गोपनीय शाखा सिमडेगा में काम किया है.
उसके बाद जुलाई 2018 में विजय सोरेंग का ट्रांसफर जम्मू में 84 यूनिट सीआरपीएफ में हुआ. वे शांत स्वभाव के थे. जो भी काम करते थे, वह पूरी ईमानदारी से करते थे. उनका सूचना तंत्र बहुत ही मजबूत था, जिस कारण झारखंड पुलिस को भी कई सफलता मिली है.
मेरे भाई का शहीद स्मारक बने : संजय
शहीद विजय सोरेंग के छोटे भाई संजय सोरेंग ने सरकार व प्रशासन से शहीद का स्मारक बसिया व कुम्हारी में बनवाने की मांग की है.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़नी होगी. बात करने से काम नहीं चलेगा. खून का बदला, खून से लें. रोज-रोज तबाही झेलने से अच्छा एक दिन में ही मर जाना. देश के लिए जीते हैं, देश के लिए जान देंगे. झुकना भी बुजदिली कहलाता है, इसलिए अब सीना चौड़ा कर जवाब देना होगा.
मैं भी पिता की तरह देश की सेवा करूंगी
शहीद विजय सोरेंग की बेटी बरखा सोरेंग को अपने पिता की शहादत की जानकारी मां से मिली. बरखा जयपुर में आठवीं कक्षा में हॉस्टल में रह कर पढ़ती है. बरखा ने कहा कि मेरे पिता बहादुर थे. उनसे अक्सर फौज व देश दुनिया की कहानी सुनती रही हूं. आज मुझे व मेरे परिवार को पिताजी छोड़ कर चले गये, लेकिन मुझे गर्व है कि देश के लिए मेरे पिता शहीद हुए हैं. मैं भी बड़ी होकर देश की सेवा करूंगी. देश सेवा ही मेरे जीवन का मकसद होगा.
फरसामा के युवाओं ने कहा, फौज में जायेंगे
पुलवामा में आतंकी हमले के बाद जहां पूरा देश उबाल पर है, वहीं गुमला के बसिया प्रखंड स्थित फरसामा गांव के सभी युवा फौज में जाने का जज्बा पाले हुए हैं. फरसामा गांव वीर शहीद विजय सोरेंग का पैतृक गांव है.
शनिवार को शहीद के पार्थिव शरीर को गांव लाया गया. उस समय काफी संख्या में गांव के लोग जुटे थे. गांव के युवा भी वीर शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे थे. इन युवकों से प्रभात खबर प्रतिनिधि ने बात की. सभी युवाओं की जुबां पर एक ही बात थी, सरकार हमारी बहाली फौज में करें. हम सरहद पर ड्यूटी देने को तैयार हैं. आतंकवादियों व देश में घुसपैठ करनेवाले असामाजिक तत्वों को हम मार गिरायेंगे.
कामडारा में कैंडल मार्च निकाला गया
कामडारा : पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद जवानों की शहादत में कामडारा वासियों ने कैंडल मार्च निकाला. कैडल मार्च कामडारा बस्ती, ब्लॉक चौक, मिशन चौक होते हुए कामडारा के विभिन्न मार्गों से गुजरा.
इस दौरान लोगों वीर शहीद अमर रहे, भारत माता की जय व पाकिस्तान विरोधी नारे लगाया. इसके अलावा शहीदों के आत्मा के शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया. मौके पर झारखंड विस अध्यक्ष के आप्त सचिव डॉक्टर राजीव ओहदार, प्रफुल्ल विश्वाल, अरुण नाथ, आनंद ओहदार, विवेक ओहदार, असलम खान, अरुण ठाकुर, अमित यादव, संजय सिंह, अजीत गुड़िया, बड़ाइक तारकेश्वर सिंह, अजमुद्दीन खान, देवानंद राम, महेश गुप्ता, राजू साहू, समेत कामडारावासी मौजूद थे. इधर, डुमरडीह स्थित आइटीआइ परिवार की ओर से पुलवामा में हुए शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गयी. मौके पर संस्था के निदेशक रामलाला प्रसाद, कामेश्वर राम, हेमंत महतो, रामलाल महतो, शिवम कुमार, राधेश्याम मौजूद थे.
पापा को मारने वालों को नहीं छोडूंगा : बेटा
शहीद का छोटा बेटा राहुल कुमार ने कहा कि मेरे पापा को मारने वालों को मैं नहीं छोड़ूंगा. मैं फौज में भर्ती होकर आतंकियों को चुन-चुन कर मारूंगा. अब मेरे पिता नहीं रहे. हमलोगों का कौन ख्याल रखेगा. सरकार हमारी मदद करे. मेरे पापा के दुश्मनों को मारे.
आतंकी हमले के विरोध में बंद रहा चैनपुर
पुलवामा में आतंकी हमला के विरोध में शनिवार के चैनपुर बंद रहा. लोगों ने जुलूस निकाल कर और पाकिस्तान विरोधी नारा लगा कर अपनी नाराजगी दिखायी.
वहीं चैनपुर मुख्यालय के परमवीर अलबर्ट एक्का चौक पर शोकसभा की गयी. लोगों ने दो मिनट का मौन रखा. शहीदों की आत्मा की शांति व परिजनों को दुख की इस घड़ी में सहनशक्ति प्रदान करने के लिए भगवान से प्रार्थना की.
फरसामा में कई अधिकारियाें व नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
शहीद को श्रद्धांजलि देने फरसामा गांव कई लोग पहुंचे. इनमें मुख्य रूप से विधानसभा अध्यक्ष डॉ दिनेश उरांव, केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत, राज्यसभा सांसद समीर उरांव, पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, पूर्व विधायक भूषण तिर्की, पूर्व विधायक नियेल तिर्की, झामुमो के केंद्रीय सदस्य जिग्गा मुंडा, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रोशन बरवा, रिटायर आइजी शीतल उरांव, रिटायर्ड डीआइजी हेमंत टोप्पो, एडीजी रेजी डुंगडुंग, डीसी शशि रंजन, डीसी अश्विनी कुमार सिन्हा, डीडीसी एनके सिन्हा, निदेशक मुस्तकीम अंसारी, सीआरपीएफ 218 बटालियन के डॉ बरनी, सीएमओ जयंत त्रिवेद्वी, कमांडेंट एच रंजीत सिंह, सेकेंड इन कमान महेंद्र सिंह, डिप्टी कमांडेंट राजकुमार, उंगनाव सांग, केए एल, 94 बटालियन के सर्वजीत सिंह भिंडर, अजीत कुमार अधिकारीख, एसएसपी विजेंद्र कुमार मिश्रा, जिप अध्यक्ष किरण माला बाड़ा, जिप उपाध्यक्ष केडीएन सिंह, सुशील होता, दिनेश साहू, केले उरांव, एसडीपीओ बसिया दीपक कुमार, एसडीओ बसिया विनोद कुमार, बीडीओ बसिया विजय नाथ मिश्रा, सीओ बसिया संतोष बैठा, , प्रमुख विनोद भगत, शिवराज साहू, थानेदार बसिया राजेंद्र रजक, विजय मिश्रा, चैतु उरांव, सहदेव महतो, चैतु उरांव, विजय सिंह, जगदेव नायक, गौरी चौधरी,पंकज सिंह, देवा साहू, बैजु गोप, अमर पांडे समेत हजारों की संख्या में लोग शामिल हैं.
