दुर्जय पासवान, गुमला
झारखंड के उग्रवाद प्रभावित जिला गुमला में नक्सली गतिविधियां भले कम हो गयी हैं, लेकिन मर्डर के रूप में नयी समस्या उत्पन्न हो गयी है. कानून-व्यवस्था की यह समस्या पुलिस के लिए बड़ी चुनौती के रूप में उभरी है. इसकी सबसे बड़ी वजह है शराब, शबाब और जुआ की लत.
जिला के घाघरा प्रखंड क्षेत्र में हत्याओं का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है. शराब, शबाबऔर जुआ की वजह से यहां युवाओं की जानें जा रही हैं. लड़कियांबिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं. उनके साथ आये दिन दुष्कर्म की घटनाएं होती रहती हैं. कई बार दुष्कर्म के बाद लड़की की हत्या भी कर दी जाती है.
कुछ मामलों का पुलिस ने उद्भेदन जरूर किया है, लेकिन अपराध पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है. घाघरा प्रखंड के देवाकी गांव में दो युवकों की हत्या हो गयी. इसमें एक युवक को बेकसूर बताया जा रहा है, जबकि दूसरे की आपराधिक पृष्ठभूमि बतायी जा रही है.
देवाकी में हुई डबल मर्डर की घटनासे लोगों में दहशत का माहौल है.फलस्वरूप, शाम होते ही गांव में सन्नाटा पसर जाता है. बढ़ती आपराधिक घटनाओं को देखते हुए गांव के लोग धीरे-धीरे मुखर होरहे हैं. लोगों का पुलिस पर सीधा आरोप हैकिवह लोगों को सुरक्षा देने में नाकाम है.
लोगों का कहना है कि पुलिस का गश्ती दल मुख्य चौक तक ही जाता है. ग्रामीण क्षेत्र में पुलिस गश्ती पर नहीं जाती. इससे भी अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. देवाकी गांव के लोगों ने एक बड़ा फैसला किया है. लोगों ने कहा है कि अगर शाम पांच बजे के बाद गांव में कोई अनजान व्यक्ति दिखेगा, तो वे खुद उसकी जांच करेंगे.
लोगकहतेहैंकि गोली लगने के बाद शहरके एक छात्रकीमौत हो गयी. सवाल है कि आखिर छात्र के पास पिस्तौल आया कहां से.
ऑफिस से नहीं निकलते अधिकारी, पुलिस-पब्लिक का तालमेल घटा
घाघरा में ही दो अन्य युवकों की हत्यासे क्षेत्र के लोग सबसे ज्यादा डरे हुए हैं. गुमला सदर थाना क्षेत्र में भी बढ़ती अपराधकीघटनाएं पुलिस के लिए चुनौती बनती जा रही है. लोग कहते हैं कि पुलिस के बड़े पदाधिकारियों को अपने कार्यालय से निकलने की फुर्सत नहीं है. पब्लिकसे पुलिस का तालमेल खत्म होता जा रहा है. पुलिस वालों का दलाल किस्म के लोगों से ही वास्ता रह गया है. गुमला में शराब, शबाब व जुआ की वजह से आये दिन हत्या की घटनाएं हो रही हैं. इससे निबटने के लिए पुलिस को बड़ी रणनीति बनानीहोगी.
नशेड़ियों और जुआरियों का लगता है मजमा
जिला में आजकल अधिकांश घटनाएं शराब के नशे में हो रही हैं. या फिर लड़की व जुआ के खेल की वजह से लोग मर्डर कर रहे हैं. पुलिस शराब के कारोबार व जुआ के प्रचलन को रोक सकती है. जिस स्थान से पिछले दिनों पुलिस ने जुआरियों को पकड़ाथा, वहां फिर से लाखों का जुआ शुरू हो गया है. शराबी भी महफिल जमा रहे हैं.समयरहते पुलिस ने इन गतिविधियों पर रोक नहीं लगायी, तो नक्सलवाद की तरह अपराध भी बेकाबू हो जायेगा.
एसपी अंशुमान कुमार ने कहा
गुमला के एसपी अंशुमान कुमारकहतेहैं कि हर क्राइम पुलिस के लिए चुनौती होती है. अगर सामान्य हत्याओं के पीछे देखें, तो शराब मुख्य वजह है. शराब के कारण ही हत्याएं व अपराध की घटनाएं हो रही हैं. पुलिस लगातार प्रयास कर रही है कि अपराध कम हो. इसके लिए गांव-गांव में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है. लोगों को अंधविश्वास, नशापान के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है. एसपी का दावा है कि पूर्व के वर्षों की तुलना में वर्ष 2018 में अापराधिक घटनाएं कम हुई हैं. हत्याओं का ग्राफ भी गिरा है. हाल-फिलहाल जितनी भी हत्याएं हुई हैं, उन सभी मामलों का उद्भेदन कर लिया गया है. ऐसे भी सामान्य हत्याएं रोक पाना संभव नहीं है. इसे रोकने के लिए लोगों को खुद जागरूक होना होगा.
