रातभर भी नहीं टिक पायी सड़क

शहर के बीचोबीच भ्रष्टाचार का खेल इंजीनियर लागत बताने से डर रहे हैं. नयी सड़क लोगों के लिए आफत बनी गुमला : रात को बनी अलकतरा सड़क सुबह तक भी नहीं चली और टूट गयी. सड़क भी ऐसी टूटी कि लोगों के लिए आफत बन गयी है. मोटरसाइकिल का चक्का पड़ते ही फिसल जा रही […]

शहर के बीचोबीच भ्रष्टाचार का खेल
इंजीनियर लागत बताने से डर रहे हैं.
नयी सड़क लोगों के लिए आफत बनी
गुमला : रात को बनी अलकतरा सड़क सुबह तक भी नहीं चली और टूट गयी. सड़क भी ऐसी टूटी कि लोगों के लिए आफत बन गयी है.
मोटरसाइकिल का चक्का पड़ते ही फिसल जा रही है. कई लोग गिरते-गिरते बचे हैं. यह हाल गुमला शहर का है. भ्रष्टाचार का खेल देखिये. ठेकेदार ने सड़क को जैसे-तैसे बना दिया. टावर चौक से थाना रोड में सैयद जुन्नू रैन के आवास तक सड़क बनी है. थाना रोड में 600 मीटर सड़क बननी है.
पथ निर्माण विभाग गुमला की देखरेख में सड़क बनी है. लागत कितनी है, इसका पता नहीं चला, क्योंकि पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर ने सड़क की लागत नहीं बतायी. एक इंजीनियर से फोन पर बात हुई.
बात घुमाते रहे. सड़क की लंबाई बतायी, लेकिन चौड़ाई व लागत नहीं बतायी. ऐसे प्रभात खबर ने पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर से बात की, तो उन्होंने दोबारा मजबूत सड़क बनाने की बात कही है. लेकिन अगर शहर की सड़क ऐसी है, तो गांव की सड़क की स्थिति की कल्पना कर सकते हैं. थाना रोड के कुछ लोगों से बात हुई. उन्होंने बताया कि विभाग के इंजीनियर जब सड़क का काम देख रहे थे, तो फिर इतनी घटिया सड़क कैसे बनी.
छह सौ मीटर सड़क बननी है. थाना रोड में काम हुआ है. अभी मैंने काम की गुणवत्ता की जांच नहीं की है. पहले सड़क का काम देखेंगे. संतुष्ट होने के बाद ही कुछ कह सकता हूं.
विनोद कच्छप, इइ, पीडब्ल्यूडी, गुमला
गुमला शहर के सबसे पुराने पथों में एक पथ थाना रोड है. लंबे समय से यह सड़क खराब है. अभी नयी सड़क बन रही है, लेकिन सड़क बनने के साथ टूट गयी है. विभाग इसे ठीक करे.
शंकुतला उरांव, समाज सेवी, गुमला
लोगों की दो टूक, भ्रष्टाचारियों ने हद कर दी
सोमवार की सुबह को जिसने भी सड़क की स्थिति देखी, सभी के मुंह से बस एक ही बात निकल रही थी, भ्रष्टाचारियों ने हद कर दी. सड़क की स्थिति देख कर लोगों ने सुबह हो-हंगामा भी किया. लेकिन सड़क किसने बनायी है, किसी को कुछ नहीं पता. लोग असमंजस में थे. गाड़ी का चक्का पड़ते ही सड़क में बिछी गिट्टी इधर-उधर बिखर जा रही है. अरुण कुमार ने कहा कि सड़क की गुणवत्ता ठीक नहीं है. जितनी मात्रा में अलकतरा देना चाहिए था, नहीं दिया गया.
थाना रोड से सैंकड़ों गाड़ी गुजरती है
शहर के थाना रोड से प्रत्येक दिन सैकड़ों गाड़ियां गुजरती है. एक तरह से देखा जाये, तो शहर के लिए यह मिनी बाइपास है. मेन रोड में जब जाम लगता है, तो थाना रोड से लोग आवागमन करते हैं. गुमला शहर के लिए यह महत्वपूर्ण सड़कों में से एक है.

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