गुमला: सदान मोर्चा गुमला जिला द्वारा बख्तर साय मुंडन सिंह इंडोर स्टेडियम में बुधवार को जिलास्तरीय सम्मेलन हुआ. अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मनोज वर्मा ने की.
मुख्य अतिथि सदान मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद, केंद्रीय सचिव अजीत विश्वकर्मा व जिलाध्यक्ष मनोज वर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने सम्मेलन का उद्घाटन किया. केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि राज्य व केंद्र में बनने वाली सभी सरकार ने हमारा हक व अधिकार को छीनने का काम किया है. सदान यहां के मूलवासी हैं. इस राज्य में सारा हक व अधिकार हमारा है, लेकिन हम अपने अधिकारों के प्रति कभी सचेत नहीं रहे. यही कारण है कि राज्य में बनने वाली सभी सरकार बहुसंख्यक सदानों के अधिकारों का दोहन व शोषण करती आ रही है.
झारखंड के हित में झारखंडियों को एक साथ आना होगा. उन्होंने कहा कि सदान व सरना की भाषा व संस्कृति एक जैसी है. वैचारिक लड़ाई लड़ रहे है. सदान कोई जाति नहीं, एक बड़ा वर्ग है. यहां के सदान में दलित, पिछड़ा, वर्ग से लेकर स्वर्ण सभी आते है. उन्होंने कहा कि झारखंड में तृतीय व चतुर्थ वर्ग की नौकरी झारखंडियों के लिए होनी चाहिए. पिछड़ी जाति को 36 प्रतिशत, उच्च वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर खतियानी परिवार को तीन प्रतिशत आरक्षण देने की मांग सरकार से की. उन्होंने कहा कि विगत वर्ष ही सदानों के विकास के लिए 500 करोड़ का अलग से बजट पेश करने के लिए सीएम को पत्र लिखा है.
केंद्रीय समिति के सलाहकार शिक्षाविद डॉ रामप्रसाद ने कहा कि शिक्षा पर भी ध्यान देते हुए छात्रों को भी अपने अधिकार के प्रति सचेत रहना होगा. केंद्रीय प्रवक्ता डॉ सुदेश कुमार ने कहा कि सरकार की गलत नीति के कारण बाहरी लोगों को नौकरी में बहाल किया जा रहा है, इसलिए हमारे केंद्रीय अध्यक्ष लगातार संघर्ष कर रहे है. केंद्रीय मंत्री वासुदेव प्रसाद ने कहा कि सरकार व राजनीतिक दल सदानों के संयम का परीक्षा न लें, नहीं तो गंभीर परिणाम होंगे. मौके पर केंद्रीय समिति के मीडिया प्रभारी विशाल सिंह, सुरेश प्रसाद श्रीवास्तव, प्रमोद शर्मा, सूरजदेव सिंह, सुधाकर कुमार, चंद्रनाथ प्रसाद, रामदीप सिंह, शिव कुमार लाल, शशिकांत पांडेय व प्रकाश सोनी सहित सैकड़ों की संख्या में सदान मौजूद थे.
