गुमला में 176 दिन में 311 लोगों की मौत, हर 14 घंटे में बुझ रही एक जिंदगी

Gumla Death Case : गुमला जिले में 1 जनवरी से 25 जून 2026 के बीच 311 असामान्य मौतें दर्ज हुईं, जिनमें सड़क हादसे, आत्महत्या, डूबने, हत्या और अन्य कारण शामिल हैं.

गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट 

Gumla Death Case : साल 2026 के 1 जनवरी से 25 जून तक 176 दिन बीते हैं. इन 176 दिनों के अंदर गुमला जिले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर 311 असामान्य मौतें दर्ज की गई है. आंकड़ों को देखें तो जिले में औसतन हर दिन लगभग दो लोगों की मौत हुई है. जबकि हर 14 घंटे में एक जिंदगी काल के गाल में समा रही है. सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम रिकॉर्ड से सामने आये आंकड़े न केवल चौंकाने वाले हैं. बल्कि जिले की कानून-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा, सामाजिक तनाव और आपदा प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े करते हैं. सबसे भयावह स्थिति सड़क दुर्घटनाओं की रही है छह माह से भी कम समय में 146 लोगों की जान सड़क हादसों में गई. यानी जिले में हर 29 घंटे में एक व्यक्ति सड़क दुर्घटना का शिकार होकर मौत के मुंह में समा रहे हैं. यह आंकड़ा कुल मौतों का लगभग 47 प्रतिशत है.

61 लोगों ने आत्महत्या की

चिंता की दूसरी बड़ी वजह आत्महत्या है. एक जनवरी से लेकर 25 जून तक 61 लोगों ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. इसका मतलब है कि हर तीसरे दिन जिले में एक व्यक्ति आत्महत्या कर रहा है. मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद, आर्थिक दबाव और सामाजिक कारण इसके पीछे प्रमुख वजह माने जा रहे हैं.

नदी और तालाब ने ली 48 जान

वहीं नदियों, तालाबों और जलाशयों ने भी 48 लोगों की जान ले ली. डूबने से हुई मौतों का यह आंकड़ा बताता है कि जिले में जल सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था कितनी कमजोर है.

21 लोगों की हत्या हुई

हत्या के 21 मामले हुए हैं. इसके अलावा, सर्पदंश, हाथी हमला, वज्रपात, हृदयाघात, बिजली करंट, आग में झुलसने और ऊंचाई से गिरने जैसी घटनाओं में भी लोगों की जान गई है.

मार्च में 68 लोग मरे

माहवार आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च सबसे ज्यादा मौतों वाला महीना साबित हुआ, जहां 68 लोगों की मौत हुई. फरवरी में 64, अप्रैल में 65, जनवरी में 59, मई में 30 और जून में 25 जून तक 25 मौतें दर्ज की गई.

1 जनवरी से 25 जून तक मौतों का आंकड़ा

  • सड़क दुर्घटना : 146
  • आत्महत्या : 61
  • डूबने से : 48
  • हत्या : 21
  • हृदयाघात : 7
  • सर्पदंश : 4
  • हाथी हमला : 4
  • वज्रपात : 3
  • गिरने से : 4
  • बिजली करंट : 1
  • आग से झुलसकर : 1
  • अन्य कारण : 11

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लेखक के बारे में

Published by: Priya Gupta

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह झारखंड बीट पर काम कर रही हैं, जहां वह खबरों को आसान भाषा में लिखती हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल बीट पर काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने हेल्थ, रेसिपी, मेहंदी डिजाइन और फैशन से जुड़ी खबरों पर काम किया. इसके अलावा, उन्होंने नेशनल प्रिंटर और लोकल चैनलों में भी काम किया है. उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से और मास्टर की पढ़ाई एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड से पूरी की है.

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