महागामा प्रखंड क्षेत्र के गढी गांव में शिव मंदिर के पास स्थित सोलर जलमीनार पिछले करीब दो वर्षों से खराब पड़ा है. इसके कारण गांव के लगभग 20-30 घरों के लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि पहले यह जलमीनार पूरे मोहल्ले की प्यास बुझाती थी, लेकिन अब इसके खराब होने के बाद लोग पानी के लिए घर-घर भटकने को मजबूर हैं. कई बार उन्हें निजी घरों या पड़ोसियों के घर से पानी लाना पड़ता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जलमीनार की खराबी की सूचना कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी गयी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है. ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करते हैं और रोजमर्रा की मजदूरी के दौरान पानी की व्यवस्था करना उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन गया है. तापमान बढ़ने के साथ पानी की मांग भी बढ़ रही है, लेकिन जलमीनार बंद रहने से लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जलमीनार जल्द नहीं ठीक करायी गयी, तो आने वाले दिनों में हालात और भयावह हो सकते हैं. ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और जिला प्रशासन से अविलंब जलमीनार की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि लोगों को इस मूलभूत समस्या से राहत मिल सके और पानी की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित हो सके.
गढी गांव में जल संकट, सोलर जलमीनार दो वर्षों से खराब
पानी के लिए भटकना पड़ रहा है ग्रामीणों को
