ठाकुरगंगटी प्रखंड क्षेत्र में कड़ाके की गर्मी और तेज धूप के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. भीषण लू के चलते आम लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है, वहीं सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. लोगों का कहना है कि ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो आसमान से आग बरस रही हो. तापमान में लगातार वृद्धि के कारण क्षेत्र में हीट वेव का प्रभाव बना हुआ है. भीषण गर्मी के बीच क्षेत्र के अधिकांश तालाब और नदियां सूख चुकी हैं, जिससे जलस्तर काफी नीचे चला गया है. इसके कारण आम लोगों के साथ-साथ मवेशियों को भी गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है. मवेशी पानी की तलाश में नदी-नालों के किनारे भटकते नजर आ रहे हैं और पेड़ों की छाया में राहत पाने का प्रयास कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाबों की खुदाई पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद कई तालाबों में पानी नहीं टिक पा रहा है. इससे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. मवेशी पालकों रंजन कुमार राय, सुनील कुमार साह, सुभाष मिश्र, मुनेश्वर प्रसाद मंडल और ललन कुमार जायसवाल ने बताया कि पशुओं के लिए चारा तो उपलब्ध है, लेकिन पानी की भारी कमी के कारण गंभीर परेशानी हो रही है. विशेषकर भैंसों को अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.
प्रखंड में 400 तालाब, फिर भी जलसंकट बरकरार
प्रखंड प्रशासन के अनुसार क्षेत्र में लगभग 400 तालाब हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश सूख चुके हैं। इससे मवेशी पालकों में हाहाकार की स्थिति बनी हुई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में पेयजल संकट और अधिक गंभीर हो सकता है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होगा.
