पथरगामा प्रखंड के चिलकारा गांव में श्मशान भूमि पर पुल निर्माण को लेकर ग्रामीणों में गहरा असंतोष देखा जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि गांव का एकमात्र श्मशान सापिन नदी के किनारे स्थित है, जहां वर्षों से मृतकों का दाह-संस्कार किया जाता रहा है. उनका आरोप है कि पुल निर्माण कार्य के दौरान श्मशान की जमीन पर अतिक्रमण किया जा रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि पुल के दो पिलर सीधे श्मशान स्थल के भीतर बनाये गये हैं. इसके साथ ही ढलान निर्माण के नाम पर भी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है. स्थानीय ग्रामीण श्यामदेव दास, मुकेश दास, नारायण दास, मुन्ना दास, चंद्रशेखर दास, बबलू दास, उपेंद्र दास, श्यामलाल दास, अमर दास और विनेश दास सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि श्मशान की जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराया जाये और इसके लिए त्वरित कार्रवाई की जाये.
चिलकारा गांव में श्मशान भूमि पर पुल निर्माण को लेकर असंतोष
ग्रामीणों ने की अतिक्रमण रोकने की मांग
