बोआरीजोर प्रखंड के श्रीपुर बाजार, लौहंडिया बाजार और लीलातरी 2 दुर्गा मंदिरों में चैती दुर्गा पूजा के अवसर पर मां के चतुर्थ रूप कुष्मांडा की विधि विधान से पूजा अर्चना की गयी. पंडित पंकज चतुर्वेदी ने बताया कि मां के चतुर्थ रूप की पूजा करने से भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. मां कुष्मांडा को ब्रह्मांड का रचयिता माना जाता है. उनके आठ हाथ हैं और वे सूर्य लोक में निवास करती हैं. देवी का यह रूप अत्यंत आकर्षक होता है और अपने मंद मुस्कान से अंधकार में सृष्टि का निर्माण करती हैं. पूजा में मालपुआ का भोग लगाया गया. पूजा समिति के सदस्य अमित अवस्थी, जयकांत मिश्रा और प्रभास यादव ने बताया कि मंदिर प्रांगण में दसवीं तिथि को भव्य मेला आयोजित किया जाएगा.
श्रीपुर, लौहंडिया और लीलातरी-2 दुर्गा मंदिरों में विधि विधान से हुई पूजा
बोआरीजोर में मां कुष्मांडा की हुई पूजा अर्चना संपन्न
