एक ओर राज्य सरकार विकास के दावे कर रही है, वहीं पोड़ैयाहाट प्रखंड के अमवार संथाली पंचायत अंतर्गत गुणघासा मिल टोला गांव आज भी बुनियादी सड़क सुविधा से वंचित है. आदिवासी बहुल इस गांव में पहुंचने के लिए आज तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है. लगभग 300 की आबादी वाले इस टोले के ग्रामीणों को आज भी पगडंडी के सहारे आवागमन करना पड़ता है. गांव में प्रवेश के लिए केवल कच्ची पगडंडी है, जिसके माध्यम से ग्रामीण जैसे-तैसे आवागमन करते हैं. छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन भी अत्यंत कठिनाई से हो पाता है. आवश्यक सामान लाने-ले जाने में ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. बरसात के मौसम में स्थिति और भी दयनीय हो जाती है. अन्य महीनों में किसी प्रकार पगडंडी के सहारे आवाजाही संभव हो पाती है, लेकिन वर्षा ऋतु में कीचड़ और फिसलन के कारण गांव तक पहुंचना अत्यंत कठिन हो जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुविधा के अभाव में रिश्तेदार भी बड़े या छोटे वाहन लेकर गांव आने से कतराते हैं. कई बार तो सड़क नहीं होने के कारण लोग यहां वैवाहिक संबंध स्थापित करने से भी हिचकिचाते हैं, जिससे सामाजिक जीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. ग्रामीण राजकुमार मुर्मू, अशोक मुर्मू, सुरेंद्र मरांडी, गणेश मरांडी सहित अन्य लोगों ने जनप्रतिनिधियों तथा डीसी से शीघ्र पीसीसी सड़क निर्माण कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित रहना दुर्भाग्यपूर्ण है और अब प्रशासन को इस दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए.
आजादी के दशकों बाद भी सड़क से वंचित गुणघासा मिल टोला के लोग
300 आबादी वाले आदिवासी बहुल गांव में पीसीसी सड़क का अभाव, बरसात में बढ़ती है परेशानी
