कुड़मी समुदाय ने रोहन पर्व के साथ शुरू किया कृषि कार्य

पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ खेतों में प्रथम बीज डालने की निभायी गयी परंपरा

पथरगामा प्रखंड के होपनाटोला गांव में रहइन (रोहन) पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर कुड़मी विकास मोर्चा के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार महतो के साथ ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए कृषि कार्य की औपचारिक शुरुआत की. ग्रामीणों ने बताया कि कुड़मी समाज में जेठ माह के तेरह दिन बाद रहइन पर्व मनाकर खेतों में बीज डालने की परंपरा है. इस पर्व के माध्यम से जुताई किये गये खेतों में प्रथम बीज डालकर कृषि कार्य की शुरुआत की जाती है. यह परंपरा झारखंड के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम में भी मनायी जाती है. पर्व के दौरान परंपरा के अनुसार आषाढ़ी फल का भी सेवन किया गया. ग्रामीणों का मानना है कि यह फल कृषि कार्य के दौरान होने वाले छोटे-छोटे घावों से संक्रमण और टिटनेस जैसी बीमारियों से बचाव में सहायक होता है. रहइन शब्द कुड़माली भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ रहना बताया जाता है. इस अवसर पर दीपक कुमार महतो, रामेश्वर महतो, प्रियेय कुमार महतो, दिव्यांश कुमार महतो, कलावती महतो, दीप्ति श्री महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और उत्साहपूर्वक कृषि कार्य की शुरुआत में भाग लिया.

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Author: SANJEET KUMAR

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