झारखंड-बिहार पुस्तक परिक्रमा के तहत आयोजित चार दिवसीय गोड्डा पुस्तक मेला का भव्य उद्घाटन नगर भवन, गोड्डा में हुआ. लंबे अंतराल के बाद आयोजित यह पुस्तक मेला पुस्तक प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है. मेला 31 मई तक चलेगा. पुस्तक मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि एसडीओ बैद्यनाथ उरांव ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर खेल पदाधिकारी प्राण महतो सहित कई साहित्यकार और गणमान्य लोग उपस्थित थे. आयोजन के दौरान अतिथियों का स्वागत बुक नहीं बुके के माध्यम से किया गया, जिसने कार्यक्रम को एक विशिष्ट साहित्यिक संदेश प्रदान किया. एसडीओ बैद्यनाथ उरांव ने अपने संबोधन में कहा कि पुस्तक मेला अमृत का कुआं है, जिसमें हर पाठक को डुबकी लगानी चाहिए. उन्होंने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान ही नहीं देतीं, बल्कि समाज और व्यक्ति के भीतर नई चेतना का संचार करती हैं. उन्होंने भीषण गर्मी के बावजूद पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए साहित्यकार चंद्र भूषण की सराहना की. उन्होंने कहा कि गोड्डा साहित्यिक दृष्टि से समृद्ध क्षेत्र है और यह पुस्तक मेला बौद्धिक जागरूकता का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा.
पुस्तकें घर की पहचान होती हैं : प्राण महतोखेल पदाधिकारी प्राण महतो ने कहा कि पुस्तकें किसी भी घर की पहचान होती हैं. पुस्तक वाले घरों में संस्कार, संवेदना और विचार जीवित रहते हैं. आयोजक एवं साहित्यकार चंद्र भूषण ने कहा कि पुस्तक मेला केवल पुस्तकों की बिक्री का मंच नहीं, बल्कि समाज को विचार, संवाद और संवेदना से जोड़ने का एक आंदोलन है. उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक पुस्तकें पढ़ने की अपील की और कहा कि पुस्तकें ही समाज की कई समस्याओं का समाधान प्रस्तुत कर सकती हैं.पुस्तक मेला अमृत का कुआं, हर पाठक को लगानी चाहिए डुबकी
गोड्डा नगर भवन में बड़े अंतराल के बाद चार दिवसीय पुस्तक मेले का भव्य उद्घाटन, बोले एसडीओ
