इबादत के साथ बंदों की खिदमद जरूरी : आलम

गोड्डा के रानीपुर गांव में एक दिवसीय जलसा दस्तारबंदी का आयोजन

गोड्डा के रानीपुर गांव में एक दिवसीय जलसा दस्तारबंदी का आयोजन किया गया. जलसा के दौरान छह हाफीज कुरान पास बच्चों को दस्तारबंदी की गयी. कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिरकत करते हुए झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य इकरारूल हसन ने जलसे को संबोधित किया. कहा कि इबादत के साथ-साथ मानव सेवा, स्वभाव और उत्तम व्यवहार पर हमेशा लोगों को रहना चाहिए. कहा कि खिदमत सेवा एवं दूसरों के साथ हमदर्दी करने व भलाई के साथ सहायता करना भी इबादत में शामिल है. रहम करने वालों पर रहमान भी रहम करता है. कुरान में भी खुदा ने भी संदेश दिया है-तुम जमीन वालों पर रहम करोगे तो आसमान वाला तुम पर रहम करेगा. मौके पर मिले जरूरतमंद लोगों को सहायता करें. इससे बड़ा इंसानी हमदर्दी मानव सेवा कोई नहीं है. इबादत के साथ-साथ यह बड़ा नेक काम है. इन कामों से भी लोगों को निजात मिलेगा. कार्यक्रम के दौरान मौलाना शाहिद रज़ा कादरी के हाथों दस्तारबंदी के साथ प्रमाणपत्र सौंपा गया. इनमें मुख्य रूप से आज़म रज़ा, अहमद रज़ा, मुजीबुर्रहमान, समीर रज़ा, इनाम रज़ा व अजहर रज़ा के नाम शामिल हैं. देर रात चले कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से र मौलाना ताहिर मिस्बाही, मौलाना शहादत हाजी, मौलाना गुलाम हैदर, हाफीज गयासुद्दीन, हाफीज शाहबाज एवं शायर नदीम फैजी, जियाउल हक व ग़ुलाम कादिर ने अपनी तकरीर के साथ लोगों के बीच नातिया सुनाया. जलसा के कार्यक्रम में मौलाना सिद्दीक नूरी, डॉ नुरूद्दीन शेख, मोहम्मद इब्राहिम अंसारी, मो अब्दुल कादिर, जलसा कमेटी रानीपुर के मो आजाद अंसारी, मो इकरामुल अंसारी, शमशाद शामिल थे.

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Author: SANJEET KUMAR

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