जिला मुख्यालय स्थित अशोक स्तंभ परिसर में रविवार को झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आयी आंगनबाड़ी सेविकाओं ने भाग लिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनियन की जिला अध्यक्ष माया देवी ने की. बैठक में आंगनबाड़ी सेविकाओं की समस्याओं पर गहन चर्चा की गयी. सेविकाओं ने प्रमुख रूप से मांगें रखीं, जिसमें सेवानिवृत्ति के पश्चात 5 लाख रुपये नकद प्रदान किये जाने, वर्तमान मानदेय का आधा हिस्सा पेंशन के रूप में दिये जाने, आंगनबाड़ी सेविकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाना आदि शामिल है. यूनियन ने इन मांगों को एक सुर में दोहराया. बैठक में गुजरात हाई कोर्ट में दायर याचिका पर विस्तार से चर्चा की गयी और भविष्य की कानूनी रणनीति तैयार की गयी. संगठन की मजबूती के लिए 1 मई 2026 से बसंत राय प्रखंड से बैठकों के नये चरण की शुरुआत की जाएगी, जो धीरे-धीरे जिले के सभी प्रखंडों में आयोजित की जाएंगी. जिला अध्यक्ष माया देवी ने कहा कि हमारी मांगें हमारे हक के लिए हैं. जब तक हमें सरकारी कर्मचारी का दर्जा और उचित सेवानिवृत्ति लाभ नहीं मिलता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा. इस अवसर पर तमन्ना खातुन, रंजू देवी, रेखा देवी, सुनीता हेम्ब्रम, सुनीता कुमारी, बॉबी कुमारी, संगीता कुमारी और सनोली किस्कू सहित कई सेविकाएं मौजूद रहीं.
झारखंड प्रदेश आंगनवाड़ी वर्कर यूनियन ने भरी हुंकार, सेवानिवृत्ति लाभ और सरकारी दर्जे को लेकर रणनीति तैयार
गोड्डा में आंगनबाड़ी सेविकाओं की बैठक आयोजित, सरकारी दर्जा व पेंशन की मांग पकड़ रहा जोर
