बेटा और बेटी के बीच कोई अंतर नहीं समझें : बीपीएम

स्वास्थ्य कर्मियों ने भ्रूण हत्या के विरोध में निकाला कैंडल मार्च

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सह रेफरल अस्पताल महागामा परिसर से स्वास्थ्य कर्मियों ने भ्रूण हत्या के विरोध में कैंडल मार्च निकाला. इस दौरान चिकित्सा प्रभारी अर्चना मिश्रा के नेतृत्व में निकले कैंडल मार्च में शामिल चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों ने कन्या भ्रूण हत्या बंद करो, भ्रूण हत्या पाप है-जीवन के लिए अभिशाप है, बेटी बचाओ सृष्टि बचाओ का नारा लगाते हुए चल रहे थे. कैंडल मार्च अस्पताल परिसर से ब्लॉक चौक तक पहुंची, जहां लोगों को जागरूक कर बताया गया कि भ्रूण हत्या एक जघन्य अपराध है. बीपीएम देवेंद्र पंडित ने कहा कि भ्रूण हत्या के विरोध में कैंडल मार्च निकालकर यह संदेश दिया गया है कि बेटा और बेटी के बीच कोई अंतर नहीं समझें. बेटे की तुलना में बेटियां कहीं से भी कम नहीं है. आज देश के महत्वपूर्ण पदों पर बेटियां अपने अभिभावक के साथ-साथ समाज का गौरव बढ़ा रही है. कहा कि लोग भ्रूण हत्या कर महिला पुरुष के संतुलन को बिगाड़ने का काम करते हैं. इस पर हरहाल में रोक लगने की जरूरत है. कहा कि जब जांच में बेटी होने का पता चलता है, तो भ्रूण हत्या कर दी जाती है. लोगों को बेटा और बेटी के बीच भेदभाव नहीं करना चाहिए. बेटियां घर को सवांरती है. कहा कि कैंडल मार्च के माध्यम से लोगों को भ्रूण हत्या बंद करने का अपील किया गया।

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >