त्याग, बलिदान और समर्पण का प्रतीक पवित्र पर्व ईद-उल-अजहा (बकरीद) गुरुवार को गोड्डा जिले में श्रद्धा और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. सुबह से ही जिले के विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां लोगों ने सामूहिक रूप से बकरीद की विशेष नमाज अदा की. मुख्य नमाज गोड्डा नगर के फसिया डंगाल ईदगाह, मदीना मस्जिद तथा जामा मस्जिद (न्यू मार्केट) में अदा की गयी, जहां हजारों की संख्या में लोग नये वस्त्र धारण कर और इत्र लगाकर पहुंचे. नमाज के दौरान खुतबा पढ़ा गया तथा इमाम साहब द्वारा देश में अमन, चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआ मांगी गयी. नमाज समाप्त होने के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया. पथरगामा, पोड़ैयाहाट, महागामा और मेहरमा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी ईद-उल-अजहा को लेकर व्यापक उत्साह देखा गया. पूरे जिले में उत्सव जैसा माहौल रहा और बच्चों में विशेष उमंग देखने को मिली. त्योहार को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही. सभी प्रमुख नमाज स्थलों एवं संवेदनशील स्थानों पर दंडाधिकारियों के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. एसडीओ बैद्यनाथ उरांव, एसडीपीओ आकाश भारद्वाज, दंडाधिकारी अभय कुमार, बीडीओ दयानंद जायसवाल तथा नगर थाना प्रभारी दिनेश कुमार महली लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था का जायजा लेते रहे. नमाज के बाद अकीदतमंदों ने सुन्नत-ए-इब्राहिमी का पालन करते हुए बकरे की कुर्बानी दी. परंपरा के अनुसार, कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा गया-एक हिस्सा गरीबों व जरूरतमंदों के लिए, दूसरा रिश्तेदारों व मित्रों के लिए तथा तीसरा हिस्सा अपने परिवार के लिए.
ईदगाहों व मस्जिदों में उमड़ी भीड़, अमन-चैन और भाईचारे की मांगी गयी दुआ
गोड्डा में जिले मनाया गया त्याग, बलिदान और समर्पण का प्रतीक पवित्र पर्व ईद-उल-अजहा
