सिदो-कान्हू ने लड़ी थी महाजनी प्रथा के विरुद्ध लड़ाई : मिस्त्री मरांडी

समाज को विकसित करने के लिए शिक्षित होना आवश्यक

राजमहल कोल परियोजना के ओसीपी कार्यालय के पार्क स्थित सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर परियोजना कर्मी द्वारा आदिवासी रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना की गयी. झारखंड कोलावेरी मजदूर यूनियन के सचिव मिस्त्री मरांडी ने बताया कि वीर शहीद सिदो-कान्हू के जन्मदिवस के अवसर पर पूजा-अर्चना की गयी एवं जीवनी के बारे में चर्चा की गयी. वीर शहीद सिदो-कान्हू की अमर गाथा है. उन्होंने हमेशा दलित, गरीब लोगों की मदद की. महाजनी प्रथा के विरुद्ध लड़ाई लड़ी थी. अंग्रेजों के विरुद्ध भी जमकर अपने पारंपरिक हथियार तीर-धनुष से लड़े थे. उनकी वीरता को देखकर अंग्रेज भी नतमस्तक हो गया था. हम सभी ग्रामीण को उनके विचार एवं आदर्श पर चलकर स्वस्थ समाज बनाना चाहिए. आदिवासी समाज अभी भी पिछड़ी है. समाज को विकसित करने के लिए शिक्षित होना आवश्यक है तथा युवाओं को नशा से दूर रहना होगा. नशा समाज एवं परिवार को बर्बाद कर देता है. मौके पर वीरेंद्र मुर्मू, जीतराम मुर्मू आदि उपस्थित रहे.

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Author: SANJEET KUMAR

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