मानसून से पहले खनन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा प्रतिनिधि, बोआरीजोर. राजमहल कोल परियोजना के ओसीपी पीट सुरक्षा समिति के सदस्यों द्वारा परियोजना के बसडीहा खनन क्षेत्र, तालझारी खनन क्षेत्र और डीप माइनिंग क्षेत्र का निरीक्षण किया गया. खनन क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मचारियों को निर्देशित किया गया. सुरक्षा पदाधिकारी पीके यादव ने बताया कि मानसून का समय आने वाला है, इसलिए खनन क्षेत्र के नाला एवं पानी निकासी का बारीकी से निरीक्षण किया गया है ताकि वर्षा का पानी खनन क्षेत्र में प्रवेश न कर सके. उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र में प्रवेश करने से पूर्व सुरक्षा के सभी उपकरण अवश्य पहनें. सुरक्षा के सभी नियमों का कठोरता से पालन करने पर दुर्घटना की संभावना कम हो जाती है. उन्होंने यह भी कहा कि जीरो दुर्घटना का लक्ष्य बनाकर कार्य करें. ऊंचाई पर कार्य करने से पहले सक्षम अधिकारी से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य है. पोल अथवा मशीन पर ऊंचाई पर काम सुपरवाइजर की देखरेख में करें तथा केवल प्रशिक्षित व्यक्ति ही ऊंचाई पर कार्य करेंगे. ऊंचाई पर चढ़ने के लिए सीढ़ी का उपयोग करना होगा. निरीक्षण के बाद ओसीपी कार्यालय के सभागार भवन में समिति सदस्यों की बैठक हुई, जिसमें दिशा-निर्देश दिए गए. मौके पर रामानंद प्रसाद, बीके सिंह, राम सुंदर महतो, शीतल यादव, अमल कुमार, मुनाजिर हुसैन, प्रदीप मंडल, शिव शंकर मरांडी, आशुतोष कुमार, सुजान लोहार, संतलाल लोहार आदि उपस्थित थे.
जीरो दुर्घटना का लक्ष्य बनाकर करें खनन कार्य: पीके यादव
राजमहल कोल परियोजना के ओसीपी पीट सुरक्षा समिति ने मानसून से पहले बसडीहा, तालझारी और डीप माइनिंग खनन क्षेत्रों का निरीक्षण किया। सुरक्षा अधिकारी पीके यादव ने बारिश के पानी से बचाव के लिए नालों और जल निकासी की समीक्षा की। कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण पहनने और नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी गई ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। ऊंचाई पर काम करने से पहले लिखित अनुमति लेना अनिवार्य किया गया। केवल प्रशिक्षित लोग और सुपरवाइजर की निगरानी में ही ऊंचाई पर कार्य किया जाएगा। निरीक्षण के बाद समिति ने ओसीपी कार्यालय में बैठक कर दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में कई सदस्य उपस्थित थे।
