राजमहल कोल परियोजना के प्रभावित क्षेत्र बड़ा सिमड़ा से हिजूकिता तक जाने वाली सड़क जर्जर होने से परियोजना कर्मियों एवं ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने से दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है. ग्रामीणों के अनुसार इस सड़क का समय-समय पर परियोजना प्रबंधन द्वारा मरम्मत कार्य कराया जाता है, जिस पर लाखों रुपये खर्च किये जाते हैं. इसके बावजूद सड़क की गुणवत्ता बेहतर नहीं होने के कारण यह प्रत्येक दो वर्ष के भीतर ही फिर से जर्जर हो जाती है. ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से भारी वाहनों का आवागमन भी बहुत कम होता है. इसके बावजूद सड़क के बीचों-बीच दो से तीन फीट तक गहरे गड्ढे बन गये हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. बरसात के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाने से विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए आवागमन जोखिम भरा हो गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्य में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है. यह मार्ग केवल राजमहल कोल परियोजना के कार्यालय तक ही नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों को भी जोड़ता है, इसलिए इसकी बेहतर स्थिति बनाये रखना आवश्यक है. मुखिया प्रतिनिधि सांझला हांसदा ने परियोजना प्रबंधन से मांग की कि सड़क की जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाये, ताकि परियोजना कर्मियों और ग्रामीणों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके.
जर्जर सड़क से परियोजना कर्मियों और ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी

जर्जर सड़क. | Prabhat Khabar Network
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राजमहल कोल परियोजना के बड़ा सिमड़ा से हिजूकिता तक की सड़क जर्जर होने से ग्रामीणों और कर्मियों को भारी परेशानी हो रही है। जल्द मरम्मत की मांग की गई है।