पथरगामा प्रखंड क्षेत्र में बुधवार की सुबह उदयीमान सूर्यदेव को अर्घ्य देने के साथ चैती छठ पर्व संपन्न हो गया. पथरगामा के बहुचर्चित सुंदर नदी छठ घाट में छठ व्रतियों ने उपवास रहकर विधिविधान पूर्वक अर्घ्य दिया. मंगलवार की शाम व्रतियों ने नेम निष्ठा से डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया था. छठ घाटों पर व्रती महिलाओं ने पूजा के सूप को साज-श्रृंगार कर रखा था. निर्धारित समय पर छठ करने वाली व्रती के हाथ में लिए सूप में उदयीमान सूर्य को अर्घ्य दिया गया. व्रतियों ने एक-दूसरे को सिंदूर पहनाकर सौभाग्यवती का आशीर्वाद भी दिया. अर्घ्य देने के पश्चात भींगे आंचल से परिवारजनों का मुंह पोछा गया. अर्घ्य और पूजा संपन्न होने के बाद व्रती महिलाओं ने प्रसाद ग्रहण किया, साथ ही श्रद्धालुओं ने भी चैती छठ का प्रसाद ग्रहण किया. क्षेत्र के चिहारो पहाड़ के बाबाजी पोखर में भी व्रतियों के सूप में श्रद्धालुओं ने अर्घ्य देने का विधान पूरा किया. बताते चलें कि चार दिनों तक चलने वाला चैती छठ महापर्व कद्दू भात से शुरू हुआ था. दूसरे दिन संझत किया गया, जबकि मंगलवार की शाम डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया गया. पर्व पर विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए बीडीओ सह सीओ नितेश कुमार गौतम और थाना प्रभारी शिवदयाल सिंह दलबल के साथ क्षेत्र पर सतर्क नजर बनाए हुए थे.
पथरगामा में छठ व्रतियों ने विधिविधान पूर्वक अर्घ्य देकर मनाया चैती छठ
सुंदर नदी छठ घाट और बाबाजी पोखर में श्रद्धालुओं ने किया सूर्यदेव को अर्घ्य
