केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना के नाम में बदलाव के निर्णय के विरोध में सोमवार को बसंतराय प्रखंड कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय सत्याग्रह धरना आयोजित किया. धरने का आयोजन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर किया गया. धरने में कांग्रेस जिला अध्यक्ष याहिया सिद्दीकी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए. उन्होंने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की. जिला अध्यक्ष याहिया सिद्दीकी ने कहा कि केंद्र सरकार योजनाओं के नाम बदलकर महात्मा गांधी की ऐतिहासिक भूमिका और उनके विचारों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक फैसला नहीं बल्कि वैचारिक हमला बताया.
मनरेगा योजना को बताया जीवन रेखा
धरने को संबोधित करते हुए प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष अजिमुद्दीन ने कहा कि वर्तमान सरकार लगातार गांधी जी के विचारों की अनदेखी कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी की लड़ाई में बलिदान देने वाले महात्मा गांधी की पहचान को योजनाओं से हटाने की कोशिश की जा रही है, जो देश की आत्मा के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस फैसले के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी और आंदोलन बसंतराय से शुरू होकर विधानसभा, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक बढ़ाया जाएगा.ग्रामीण भारत की सुरक्षा पर उठाये सवाल
कांग्रेस के अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष सह जिप सदस्य अरशद वहाब ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के लिए सामाजिक सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर नाम परिवर्तन की राजनीति कर रही है ताकि मजदूरों के लंबित भुगतान, काम के दिनों में कटौती और बजट में कमी जैसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके. धरने में कांग्रेस के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष आलमगीर आलम, खुस्तर बुलबुल, अब्दुल रशीद सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
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