पथरगामा प्रखंड क्षेत्र में अवैध माइनिंग का कारोबार बदस्तूर जारी है. जहां चोरी की बालू ढुलाई कई लोगों के रोजगार का साधन बन गयी है, वहीं अवैध कोयला ढुलाई भी क्षेत्र में खुलेआम हो रही है. मालूम हो कि ललमटिया-महागामा मुख्य मार्ग से होते हुए पथरगामा-गांधीग्राम एनएच फोरलेन मार्ग पर कोयला की ढुलाई बिना किसी रोक-टोक के की जा रही है. कोयला ढुलाई के लिए उपयोग की जाने वाली अधिकांश बाइक बिना नंबर की हैं. इनमें न तो रजिस्ट्रेशन पेपर, इंश्योरेंस और न ही पॉल्यूशन सर्टिफिकेट होता है. कई बाइक में हेडलाइट और टेललाइट तक नहीं है. इसके बावजूद चालक बिना हेलमेट दो सीटों वाली ओवरलोड बाइक पर कोयला लेकर गंतव्य तक दौड़ लगाते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि न तो हेलमेट की जांच होती है और न ही वाहन के कागजात की. सड़क सुरक्षा नियमों की पूरी अनदेखी की जा रही है. अवैध कोयला ढुलाई में बिना कागजात वाली ठेला-गाड़ियां भी शामिल हैं. सूत्रों के अनुसार, पथरगामा प्रखंड क्षेत्र में कोयला ढुलाई करने वाले बाइक चालकों से निजी व्यक्तियों के माध्यम से प्रतिदिन 80 से 100 रुपये तक की वसूली की जाती है. ये व्यक्ति गांधीग्राम, माल रामपुर, चिलरा, दाढ़ीघाट, बाराबांध, परसपानी आदि स्थानों पर सक्रिय रहते हैं. स्थानीय लोग मानते हैं कि अवैध कोयला और बालू ढुलाई पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. लोगों का कहना है कि यदि इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाये गये, तो अवैध माइनिंग और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी और बढ़ती जाएगी.
पथरगामा प्रखंड में अवैध कोयला और बालू ढुलाई का धड़ल्ले से कारोबार
नंबरहीन और एक्सपायर बाइक पर कोयला ढुलाई, सुरक्षा नियम की धज्जियां
