गोड्डा जिला मुख्यालय के समीप रास्ता एवं अतिक्रमण विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है. घटना मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के भेड़ा गांव की है, जहां दबंगों द्वारा तीन दलित परिवारों के सदस्यों पर जानलेवा हमला किये जाने का आरोप लगाया गया है. इस मारपीट में एक गर्भवती महिला सहित करीब एक दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गये. वहीं, सदर अस्पताल में हुए हंगामे के बाद पुलिस ने पीड़ित पक्ष के ही एक युवक को हिरासत में ले लिया, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है.
शौच के दौरान शुरू हुआ विवाद, बचाने आये परिजनों को भी पीटा
मिली जानकारी के अनुसार, भेड़ा गांव में रास्ता और अतिक्रमण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. घटना के समय निरंजन दास शौच के लिये गये हुए थे. आरोप है कि इसी दौरान गांव के कुछ दबंगों ने उन पर अचानक हमला कर दिया. निरंजन दास को बचाने के लिए जब उनके परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे, तो आरोपितों ने उन पर भी लाठी-डंडों से हमला कर दिया. इस घटना में सविता देवी, भवेश दास, सुमित दास, गौरव दास, पूजा भारती, मालती देवी, मंटू दास, सोनी देवी, पायल कुमारी तथा गर्भवती महिला निशा कुमारी सहित करीब एक दर्जन लोग घायल हो गये. घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गयी. स्थानीय लोगों की सहायता से सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया.सदर अस्पताल में हंगामा, डॉक्टर ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
घायलों की संख्या अधिक होने के कारण सदर अस्पताल में पीड़ितों के परिजनों एवं ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गयी. इसी दौरान इलाज में देरी अथवा अन्य कारणों को लेकर अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया. स्थिति बिगड़ती देख ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने ग्रामीणों पर दुर्व्यवहार एवं अस्पताल में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया. चिकित्सक की शिकायत के बाद नगर थाना पुलिस तत्काल अस्पताल पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया.
पुलिस कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश, सीसीटीवी जांच की मांग
अस्पताल पहुंची नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ग्रामीण रंजीत दास को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया. ग्रामीणों का आरोप है कि चिकित्सक ने दबंगों के प्रभाव में आकर उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करायी है. ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से सदर अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि अस्पताल में मारपीट या तोड़फोड़ हुई है, तो सीसीटीवी फुटेज से पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी. ग्रामीणों ने कहा कि वे स्वयं पीड़ित हैं, लेकिन पुलिस उन्हें ही प्रताड़ित कर रही है. फिलहाल गांव एवं सदर अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई हैय पीड़ित पक्ष मामले की निष्पक्ष जांच तथा आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहा है.
