बसंतराय प्रखंड मुख्यालय स्थित जामा मस्जिद सहित विभिन्न क्षेत्र में रमजान-उल-मुबारक की अलविदा जुमा की नमाज शुक्रवार को अदा की गयी. अलविदा की नमाज के दौरान हाथों में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया गया. मालूम हो कि सुन्नी समुदाय ने भारत सरकार के वक्फ बिल का विरोध किया है. इसके लिए लोग अपने घरों से काली पट्टी बांधकर मस्जिदों में नमाज अदा करने पहुंचे और सांकेतिक विरोध दर्ज कराया. अलविदा जुमे पर नमाजियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज होने के कारण मस्जिद इंतजामिया द्वारा नमाजियों के लिए विशेष इंतजाम किया गया था. प्रखंड मुख्यालय स्थित जामा मस्जिद में ईदगाह गदाल बाग के इमाम हजरत मौलाना मुबारक हुसैन कासमी ने जुमे की नमाज अदा करायी.
अलविदा जुमा को लेकर सुबह से ही रही चहल-पहल
अलविदा जुमा को लेकर मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में सुबह से ही खास चहल-पहल देखी गयी थी. खास कर बच्चों नौजवानों में विशेष उत्साह देखा गया. छोटे-छोटे बच्चे आज नये-नये कपड़े पहन कर अलविदा जुमा की नमाज अदा की. अलविदा जुमा की नमाज अदा करने के लिए नमाजी घर से 12 बजे से ही मस्जिदों में दाखिल होने लगे थे. मौके पर जकात व फितरा मांगने वालों की भीड़ मस्जिदों के पास देखी गयी. इस अवसर पर नमाजियों द्वारा अपने-अपने घर के मरहुमिनों के नाम से गरीबों को इफ्तार कराने के साथ ही खाना खिलाया गया और जकात के रूप में नकद राशि दी गयी.जकात व फितरा निकाल कर गरीबों में करें तकसीम : कासमी
अलविदा जुमा के अवसर पर उपस्थित नमाजियों को संबोधित करते हुए जामा मस्जिद के इमाम मुबारक हुसैन कासमी ने कहा कि आज हम सभी रमजान- उल- मुबारक को अलविदा कहने के लिए इकट्ठा हुए हैं. सभी लोगों को सिर्फ रमजान-उल- मुबारक को अलविदा कहना है न की नमाज को. उन्होंने कहा कि जिस तरह रमजान-उल-मुबारक के दौरान लोग खुदा की इबादत करने के साथ ही नमाज अदा करते थे. उन्होंने कहा कि हर मुसलमान को जकात व फितरा निकाल कर गरीबों में तकसीम करनी चाहिए, ताकि गरीब व असहाय लोग भी खुशी-खुशी ईद का त्योहार मना सकें. अलविदा जुमा अदा करने के बाद लोगों ने खुदा से देश में अमन-चैन और वक्फ बिल वापसी सहित खुशहाली की दुआएं मांगी.
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