आंदोलन . वेतन विसंगति व मेडिकल प्रोटेशन एक्ट लागू नहीं करने का विरोध
डॉक्टर के घंटों इंतजार करने के बाद भी बगैर इलाज लौटे रोगी
अस्पताल में डॉक्टरों ने दी केवल आपातकालीन सेवा
मरीजों को हुई परेशानी
28 से 30 सितंबर तक करेंगे कार्य का बहिष्कार
30 को प्राइवेट क्लिनिक को भी बंद करेंगे करने का निर्णय
गोड्डा : अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को गोड्डा सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने ओपीडी सेवा का बहिष्कार किया.
चिकित्सकों का नेतृत्व आइएमए अध्यक्ष डॉ प्रभा रानी प्रसाद ने किया. उन्होंने कहा कि झासा व आइएमए के संयुक्त तत्वावधान में प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर में सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने कार्य का बहिष्कार का किया है. अस्पताल में ओपीडी सेवा पूरी तरह से ठप किया गया. चिकित्सकों ने मरीजों को केवल आपातकालीन सेवा दी.
इसके अलावा पोस्टमार्टम कार्य व गर्भवती का शल्य कार्य किया गया.
बता दें सरकार के तुगलगी फरमान के विरोध में चिकित्सक 28 से 30 सितंबर तक कार्य बहिष्कार पर है. वहीं 30 सितंबर को सभी चिकित्सकों ने प्राइवेट क्लिनिक को बंद रखने का निर्णय लिया है. इसके माध्यम से सरकार को करारा जवाब देने का काम किया जायेगा.
अध्यक्ष ने बताया कि वेतन विसंगति, हॉस्पिटल प्रोटेशन एक्ट व आउटडोर के समय में सुबह नौ बजे से रात नौ बजे के समय को बदल कर सुबह नौ बजे से चार बजे तक करने आदि मांग है. इस दौरान झासा अध्यक्ष डॉ प्रवीण राम, डॉ बनदेवी झा, डॉ डीके गौतम, डॉ उषा सिंह, डॉ पूजा भगत, डॉ किरण जायसवाल, डॉ सीएल वैद्य, डॉ तारा शंकर झा, डॉ जुनेद, डॉ नावेद, डॉ राम प्रसाद, डॉ अंबिका प्रसाद, डॉ वीके तिवारी आदि थे.
प्रमंडल आॅर्ब्जवर बनी डॉ प्रभा रानी
चिकित्सकों के आंदोलन को सफल बनाने के लिए स्टेट कमेटी की ओर से गोड्डा की महिला चिकित्सक सह आइएमए सचिव डॉ प्रभा रानी प्रसाद को दुमका प्रमंडलीय क्षेत्र में आॅर्ब्जरवर बनाया गया है. डॉ प्रभा ने बताया कि स्टेट कमेटी ने जो दायित्व सौंपा है, उसका पूरी तरह से निर्वाहन करेंगे.
रोगी रहे परेशान
चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार करने पर ओपीडी सेवा पूरी तरह से बंद रही. इससे रोगी परेशान रहे. हरिपुर गांव की रोजी देवी, पैरडीह गांव की सामवती देवी, पंचरूखी गांव की रविना खातून, तैबुन बीवी व शामपुर गांव की उमा देवी अल्ट्रासाउंड कराने को आयी थी. घंटों इंतजार के बाद सभी घर बैरंग लौट गयी. इसके अलावा दुबराजपुर गांव से लेडी डॉक्टर को दिखाने आयी प्रतिमा चौसरिया को बिना इलाज के ही घर लौट गयी.
इस्तीफा के लिए 90% चिकित्सक कर चुके हस्ताक्षर
अध्यक्ष ने बताया कि आंदोलन के तहत पूरे प्रदेश के डॉक्टरों ने सरकार को इस्तीफा देने का काम किया किया जायेगा. इस कार्य के लिए अब तक गोड्डा के 90 प्रतिशत चिकित्सकों ने इस्तीफा पर हस्ताक्षर कर दिया है. शेष चिकित्सक 30 सितंबर तक सामूहिक इस्तीफा पर अपना अपना हस्ताक्षर कर देंगे.
वेतन विसंगति का विरोध
अध्यक्ष ने बताया कि केंद्र के चिकित्सकों को 15600 रुपये वेतन शुरू किया जाता है. जबकि झारखंड के चिकित्सकों को मात्र 9600 रुपये. वेतन विसंगति में इतना भेदभाव करना चिकित्सकों के हित में ठीक नहीं है. इसमें सरकार को हर हालत में सुधार करना होगा.
झासा व आइएमए के संयुक्त तत्वावधान में चिकित्सकों का आंदालेन शुरू
कार्य बहिष्कार का ऐलान करते आइएमए चिकित्सक व चिकित्सक के इंतजार में बैठी हुईं महिलाएं.
