पथगरमा : प्रखंड मुख्यालय के पंचायत भवन में रविवार को मुखियाओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. इसकी अध्यक्षता मुखिया संघ के अध्यक्ष निरंजन पंजियारा कर रहे थे. मुखियाओं ने साफ तौर पर कहा कि बीआरजीएफ की राशि को मुखिया की निगरानी से हटाया जाना गलत है.
पहले से ही बीआरजीएफ की राशि का 60 फीसदी मुखिया, 20 फीसदी पंसस तथा 20 फीसदी में जिला परिषद को खर्च करने का प्रावधान है. बताया कि राज्य के पंचायती राज के प्रधान सचिव द्वारा नये प्रावधान को जोड़कर गलत किया है. मुखिया इसका पुरजोर विरोध करेंगे.
जरूरत पड़ी तो करेंगे अनशन
मुखिया संघ अध्यक्ष निरंजन पंजियारा ने कहा कि गलत निर्णय पर सुधार नहीं किया गया तो मामले को लेकर मुखिया संघ पूरी तरह से आंदोलन के तहत अनशन पर बैठेंगे.
दुकान आवंटन पर भी चर्चा
पथरगामा चौंक स्थित आंबेडकर परिसर में बने जिला परिषद के सॉपिंग कॉम्पलैक्स का जिला से डाक कर आवंटन का विरोध करते हुए कहा कि हर हाल पर स्थानीय बेरोजगारों को सुलभ सुरक्षा कोष के माध्यम से उपलब्ध करायी जाय. वहीं चुनाव के बाद अब तक सभी पंचायत प्रतिनिधियों को केवल 10 माह के मानदेय दिये जाने की बातों को भी उठाया गया.
पंचायत भवन में एक आदेश पाल, रात्रि प्रहरी, कंप्यूटर ऑपरेटर को बहाल करने की भी मांग की. बीपीएल सर्वे का कार्य वर्ष 2002 के बाद नहीं होने के कारण भी गरीब लाभ से वंचित है. जल्द सर्वे कार्य चलाने की मांग सरकार से किया गया. मौके पर मुखिया प्रयाग यादव, सुषमा देवी, जयरानी देवी, रीना देवी, पूर्णिमा चक्रवर्ती, कर्ण सिंह, भागवत महतो, ललित गंधर्व आदि उपस्थित थे.
