20 ?????? ?? ???? ?? ??? ?? ???? ??? ???

20 वर्षों से बांस के पुल पर चलते हैं लोग तसवीर:12 बांस के पुल को पार करते ग्रामीण, 13 से 17 तक ग्रामीणों की रीनेम तसवीरप्रतिनिधि, महगामादर्जनों योजनाएं चलीं, करोड़ों खर्च किये गये, लेकिन महगामा के खदहरा माल पंचायत रायटोला वंशीपूर के लेाग अब भी समस्याओं के मकड़जाल में फंसे हुए हैं. एक बड़ी आबादी […]

20 वर्षों से बांस के पुल पर चलते हैं लोग तसवीर:12 बांस के पुल को पार करते ग्रामीण, 13 से 17 तक ग्रामीणों की रीनेम तसवीरप्रतिनिधि, महगामादर्जनों योजनाएं चलीं, करोड़ों खर्च किये गये, लेकिन महगामा के खदहरा माल पंचायत रायटोला वंशीपूर के लेाग अब भी समस्याओं के मकड़जाल में फंसे हुए हैं. एक बड़ी आबादी को गांव से बाहर जाने के लिए बांस के बने खतरनाक पुल का सहारा लेना पड़ता है. यह गांव के पास एक नहर पर है. बरसात के दिनों में तो यहां आवागमन ही पूरी तरह बंद हो जाता है. बरसात के दिनों में दो माह तक बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं. क्योंकि नहर पानी से भर जाता है. अभिभावक भी डरे सहमे बच्चों को स्कूल नहीं भेजते हैं. पिछले 20 साल से यही हाल है. इस ओर ना तो किसी जनप्रतिनिधियों का ध्यान है न ही पदाधिकारियों का. ……………………………………………………….”आज तक जितने भी जनप्रतिनिधि आये, सबों ने आश्वासन देने का काम किया है. किसी ने भी ध्यान नहीं दिया.-प्रमोद राय, ग्रामीण……………………………………”बरसात में पठन-पाठन की समस्या छात्र छात्राओं को होती है. बच्चे स्कूल जाने से कतराते हैं.-मधुसूदन राय, ग्रामीण……………………………………..”बांस से बना चचरी का पूल कभी भी गिर सकता है तथा हादसा हो जाती है. आज तक किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया.-सरगुन राय, ग्रामीण.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >