हाल पडुआ पंचायत के केरबार बांरैड़ा व रानीपुर पंचायत के डुमरिया गांव का
पथरगामा : प्रखंड के पडुआ पंचायत के केरबार बांखरैड़ा व रानीपुर पंचायत के डुमरिया गांव के वृद्धा पेंशन धारियों को करीब ढाई वर्षो से पेंशन नसीब नहीं हुआ है. ऐसे लाभार्थियों के समक्ष भूखे मरने की स्थिति आ गयी है.
पडुआ पंचायत के बखरैडा गांव की होपनमय मरांडी, केरवार गांव के मालामय मुमरू, रानीपुर डुमरिया गांव के सुकुरमुनी मरांडी, एतवारी मुमरू आदि का कहना है कि वर्ष 2010 से ही पेंशन का लाभ मिलना बंद हो गया है.
दर्जनों बार दिया आवेदन
पेंशन धारियों ने बताया कि पेंशन की मांग को लेकर लगातार प्रखंड के पदाधिकारियों को आवेदन दिया है. लेकिन अब तक किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की गयी है. आदिवासी लाभुक होने के बावजूद किसी का ध्यान नहीं अब तक इस ओर नहीं गया है. मामले को लेकर जिला समाज कल्याण विभाग को भी आवेदन दिया. लेकिन कार्यालय जानकारी नहीं रहने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेता है.
नहीं हो सकी धान रोपनी
पेंशन नहीं मिलने से कई बुजुर्गो ने इस बार खेतों में फसल की बुआई नहीं सके. कईयों ने कहा कि पैसे नहीं होने से धान रोप नहीं सके.सभी जगहों से निराश होकर लाभुकों ने अंतत: मुख्यमंत्री को स्पीड पोस्ट कर पेंशन भुगतान करने कि मांग की है.
क्या कहते हैं बीडीओ
बीडीओ अमित बेसरा ने कहा है कि मामले की जानकारी ले रहे हैं. लाभुकों की मांग पर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.
