गोड्डा : राज्य स्थापना दिवस को 13 साल हो गये. जिले का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है. 14 लाख की आबादी को स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई के लिये अब भी परेशान हो रहे हैं. यहां की जनता ने केवल सरकार के गिरने व बनाने का खेल देखा है.
वहीं विकास को गति देने वाले राज्य के हुकमरानों ने यहां की जनता को छलने का काम किया है. इसके बाद भी यहां की जनता विकास की ओर से टकटकी लगाये है. स्वास्थ्य क्षेत्र में हैं कमियां
यहां ब्लड बैंक की स्थापना नहीं हो पायी है. जबकि 2013 में नाको की ओर से स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है. बावजूद किसी भी स्वास्थ्य मंत्री ने इस दिशा में प्रयास नहीं किया है.
नहीं है मलेरिया विभाग
गोड्डा जिला को मलेरिया जोन घोषित किये जाने के बाद भी यहां मलेरिया विभाग का स्थापना नहीं हो पाया है. वर्तमान में दुमका मलेरिया विभाग से जिला मलेरिया नियंत्रण समिति के तहत कार्य हो रहा है.
बर्न वार्ड की सुविधा नहीं
अस्पताल में बर्न वार्ड की सुविधा नहीं है. बर्न वार्ड की स्थापना नहीं होने की स्थिति में जले हुए रोगियों का इलाज अस्पताल के छावनी व बरामदे पर किया जाता है. वहीं प्रखंड क्षेत्र से जले हुए रोगी को सदर अस्पताल रेफर किया जाता है.
चिकित्सक है कमी
जिले में सीएस, एसीएमओ, डीएलओ सहित 50 चिकित्सक ही कार्यरत है. जिसमें 13 महिला चिकित्सक शामिल है. यहां 89 पद चिकित्सकों का स्वीकृत है. चिकित्सकों की कमी से जिले के सुदूर क्षेत्र ठाकुरगंगटी रेफरल अस्पताल एक चिकित्सक से संचालित हो रहा है.
