सदर अस्पताल में उचित चिकित्सा नहीं मिलने का आरोप
गोड्डा : सरकार व जिला प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी सुरक्षित प्रसव कराना स्वास्थ्य महकमा के लिए चुनौती बना हुआ है. सुदूर क्षेत्र के स्वास्थ्य उप केंद्रों में संस्थागत प्रसव कराना तो दूर की बात है, जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान लापरवाही बरती जा रही है.
बसंतराय प्रखंड के हिलावै पंचायत के वरण गांव की कविता देवी को प्रसव के लिए सदर अस्पताल में भरती कराया गया. लेकिन उचित चिकित्सा नहीं मिलने के कारण उसके बच्चे की मौत हो गयी. इस मामले में उसके पति अशोक यादव ने डीसी से जांच की मांग की है.
महिला चिकित्सक ने नहीं की जांच
उसके पति अशोक यादव ने बताया कि कविता के पिता ने 13 अक्तूबर को ममता वाहन से उसे सदर अस्पताल पहुंचाया था. प्रसव कक्ष में दर्द बढ़ने पर डय़ूटी में तैनात सिस्टर से देखने का आग्रह किया गया तो उसने पल्ला झाड़ दिया. काफी शोरगुल के बाद एक नर्स ने सूई दिया और कहा इससे दर्द कम हो जायेगा. लेकिन कोई महिला चिकित्सक प्रसूता को देखने नहीं पहुंची.
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि नर्स ने इस दौरान मायागंज अस्पताल रेफर कर देने की धमकी भी दी. इसे देखते हुए दूसरे दिन प्रसूता को निजी महिला चिकित्सक के क्लिनिक में शल्य प्रसव के माध्यम से प्रसव कराया गया. इससे मृत शिशु ने जन्म लिया.
संस्थागत प्रसव को दिखाया ठेंगा
डीसी के रवि कुमार व सीएस डा. प्रवीण राम जिले के तमाम स्वास्थ्य केंद्रो में संस्थागत प्रसव कराने को लेकर सदैव तत्पर रहते हैं. इसके लिए कार्यशाला व अधिकारियों के साथ बैठकें की जाती है ताकि मातृ व शिशु मृत्यु दर पर रोक लग सके. लेकिन सदर अस्पताल में इस तरह की घटना आश्चर्यजनक है.
