गोड्डा : शहर में वाहनों के बढ़ते दबाव, घनी आबादी और यातायात की असुविधा को लेकर यहां के लोगों की ओर से पिछले 14 वर्षो से बाइपास रोड बनाने की मांग की जा रही है. जिले के बुद्धिजीवियों ने भी कई बार इसे लेकर आवाज बुलंद की. लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है.
वर्ष 1999 से विभिन्न संस्थाओं राष्ट्रीय विभूति मंच, गोड्डा सर्वागीण विकास मंच तथा नागरिक मंच की ओर से बाइपास की मांग की जाती रही है. इस मार्ग के बनने से शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगेगी. जाम की समस्या से मुक्ति मिल सकेगी. यहां के लोगों की लंबित इस मांग को लेकर सरकार ने अब सक्रियता दिखायी है.
अब जागी सरकार
झारखंड सरकार की ओर से इस वर्ष सितंबर में बाइपास को लेकर डीपीआर तैयार कराने की स्वीकृति दी गयी है. लेकिन इस योजना के सतह पर आने में अभी और छह महीने का समय लग सकता है. डीपीआर के बाद ही टेंडर आदि की प्रक्रिया शुरू होगी. फिलहाल बाइपास के निर्माण को लेकर पथ निर्माण विभाग की ओर से भूमि अधिग्रहण का कार्य प्रारंभ किया गया है.
कहां से कहां तक बनेगा बाइपास
गोड्डा–हंसडीहा मुख्य मार्ग, गोड्डा कॉलेज के पूर्व दिशा में कझिया नदी के किनारे गोड्डा–महगामा मुख्य मार्ग को जोड़ेगा.
कहां से मिलेगी राशि
बाइपास के निर्माण के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक की ओर से राशि देने की पहल की गयी है. वहीं दूसरी ओर राज्य में अलग प्रोजेक्ट के लिए स्टेट हाइवे अथोरिटी ऑफ झारखंड (साझ) नामक विंग खोला गया है. जिसे इस पूरे कार्य को देखना है. इस कार्य के संचालन में पथ निर्माण विभाग भी सहयोग करेगा. सरकार की ओर 10 किलोमीटर गोड्डा बाइपास के लिए 26 करोड़ रुपये खर्च किया जाना है.
