बीपीएल सूची में भी नहीं है नाम
गोड्डा : पोड़ैयाहाट प्रखंड के नवडीहा पंचायत के मुखिया टोला में एक परिवार मुफलिसी में जिंदगी जी रहा है. इस परिवार के पास कुछ भी नहीं है. सरकारी योजनाओं से वंचित बच्चू मुमरू गांव के ही दूसरे का पशु चरा कर अपना व पत्नी मणि हेंब्रम का पेट भरता है. बता दें कि गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करने वाले बच्चू का नाम अब तक बीपीएल सूची में दर्ज नहीं हो सका है. इस करण उसे इंदिरा आवास का लाभ नहीं मिला है.
पत्नी के साथ झोपड़े में रहने के लिए विवश हैं. फटा कपड़ा में दोनों गुजर बसर कर रहे है. रिश्तेदार के नाम पर एक बेटी है, जिसकी शादी हो चुकी है.
खाना में बनता है माड़ भात
बच्चू मुमरू के घर एक टाइम चूल्हे पर हांडी चढ़ता है. उसकी पत्नी मणि हेंब्रम जंगल से सूखा पत्ता व लकड़ी चुन कर लाती है, तब जाकर चूल्हा जलता है. खाना में पड़ोस से मिले चावल से माड़ भात बनाती है.
बच्चू का परिवार सून
इसी पंचायत में सबों के लिए पर्व त्योहार हो रहा है. लेकिन एक बच्चू का परिवार ही है, जिसके लिए ना तो दुर्गा पूजा, दीपावली और ना ही सोहराय पर्व है. सीनियर सिटीजन की दहलीज पर खड़े इस दंपती की सुध प्रखंड प्रशासन व जिला प्रशासन नहीं ले रहा है.
क्या कहते हैं मुखिया
मुखिया शिवशंकर मंडल ने कहा कि दो बार बच्चू मुमरू का नाम चयन कर बीपीएल सूची में चढ़ाने के लिए जिला भेजा गया. उसका नाम सूची में दर्ज नहीं किया गया. जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण गरीब को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है.
