गोड्डा : आइसीआइसीआइ बैंक की गोड्डा शाखा के पदाधिकारियों ने फर्जीवाड़ा कर यहां के कई लोगों से कुल 37 करोड़ रुपये गटक लिये हैं. पिछले अगस्त माह में कोलकाता के एक व्यवसायी द्वारा फर्जीवाड़ा की शिकायत दर्ज कराने के बाद आइसीआइसीआइ बैंक के पदाधिकारियों की करतूत खुलकर सामने आयी.
फिर क्या था एक के बाद एक फर्जीवाड़ा के मामले सामने आने लगे. अपनी गाढ़ी कमाई का हिस्सा गंवाने वालों में शहर के व्यवसायी, उद्यमी, किसान, चाय पान बेचने वाले व सरकारी विभाग भी शामिल है.
जांच का दौर शुरू
इस मामले के उजागर होते ही जिले के विशेष प्रमंडल की नींद खुली. खाते की जांच के बाद पाया कि करीब एक करोड़, 97 लाख की राशि खाते से गायब है. नगर थाने में कार्यपालक अभियंता राजकिशोर प्रसाद ने भी गबन का एक मामला दर्ज कराया. सितंबर माह के प्रथम सप्ताह में यह मामला दर्ज हुआ.
इसी तरह चौथे दिन महगामा एलआइसी में कार्यरत डीओ नवरत्न प्रसाद की पत्नी उषा रानी ने भी बैंक के खिलाफ एफडी में हुई धांधली को लेकर मामला दर्ज कराया. उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में एफडी के लिए बैंक को तीन लाख की राशि दिये जाने के बाद भी जो बांड मिला वह फर्जी था.
व्यवसायी अरुण अग्रवाल ने भी सितंबर माह में बैंक पर 77 लाख रुपये के गबन का मामला दर्ज कराया. इसमें बैंक के सीइओ चंदा कोचर, रवि शर्मा, विवेक श्रीवास्तव समेत आधा दर्जन लोगों पर आरोप लगाया गया है.
