नगर प्रतिनिधि, गोड्डासदर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय चकेश्वरी में सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की पावन जयंती सादगी पूर्वक मनायी गयी. शिक्षक सह सत्संग प्रचारक ओमप्रकाश मंडल ने कहा कि धर्म को विकृति विहीन करके उनकी मौलिक चमक प्रदान करने के लिए आगे आना एक नितांत साध्यपूर्ण कदम होता है. विवेक, धर्म व संयम से फली भूत करके सिख धर्म के पहले गुरु गुरु नानक देव जी ने युग की धारा को मोड़ दिया था. वहीं पारा शिक्षक प्रफुल्ल कुमार झा ने कहा कि गुरु नानक देव का संपूर्ण जीवन स्वयं के लिए नहीं बल्कि दूसरों के लिए था. इस दौरान शिक्षकों ने छात्रों को उनकी जीवनी से सीख लेने की बातों पर बल दिया.
सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की मनी जयंती
नगर प्रतिनिधि, गोड्डासदर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय चकेश्वरी में सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की पावन जयंती सादगी पूर्वक मनायी गयी. शिक्षक सह सत्संग प्रचारक ओमप्रकाश मंडल ने कहा कि धर्म को विकृति विहीन करके उनकी मौलिक चमक प्रदान करने के लिए आगे आना एक नितांत साध्यपूर्ण कदम होता है. विवेक, धर्म व […]
