कुमरडीहा गांव में पेयजल की समस्या बरकरार

दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण-जनप्रतिनिधियों व प्रखंड प्रशासन की उदासीनता के कारण गांव में नहीं लगा चापानल- ग्रामीणों ने प्रखंड प्रशासन से की चापानल लगवाने की मांगप्रतिनिधि, मेहरमालकड़मारा पंचायत अंतर्गत कुमरडीहा गांव में पेयजल की समस्या बरकरार है. ग्रामीणों को पानी के लिये हर दिन परेशान होना पड़ रहा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार […]

दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण-जनप्रतिनिधियों व प्रखंड प्रशासन की उदासीनता के कारण गांव में नहीं लगा चापानल- ग्रामीणों ने प्रखंड प्रशासन से की चापानल लगवाने की मांगप्रतिनिधि, मेहरमालकड़मारा पंचायत अंतर्गत कुमरडीहा गांव में पेयजल की समस्या बरकरार है. ग्रामीणों को पानी के लिये हर दिन परेशान होना पड़ रहा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार कुमरडीहा गांव में कुल दो हजार ग्रामीण रहते हैं. गांव के एक ही कूप है जो बहियार में है. उसी कूप से महिलाएं पानी लाकर दाल-चावल पकाती है. पीने के लिये भी इसी कूप का उपयोग किया जाता है. ग्रामीणों की प्रतिक्रिया” पीने के पानी की काफी समस्या है. ग्रामीणों ने कई बार विभाग का चक्कर काटा लेकिन कुछ नहीं हुआ. ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर है. ”-संझली बास्की,ग्रामीण.” प्रत्येक दिन पानी के लिए मशक्कत करनी पड़ती है. जनप्रतिनिधियों ने कुमरडीहा गांव में सुधी नहीं लिया. इस कारण सालों भर पानी की परेशानी से जूझना पड़ता है.”-संझला उरांव,ग्रामीण” दिन में पानी बहियार के कूप से लाकर स्टोर करना पड़ता है. रात में पानी खत्म हो गया तो नींद से उठ कर पुन: बहियार जाकर कूप से पानी लानी पड़ती है. चापानल रहता तो शायद यह परेशानी नहीं उठानी पड़ती.”-राजदेव उरांव, ग्रामीण……………तस्वीर: 12 गांव के बहियार स्थित कूप की, 13 से 15 तक ग्रामीण की

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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