मुआवजा का आश्वासन मिलने के बाद शांत हुए ग्रामीण
मेहरमा : मंगलवार को 58 घंटे बाद ग्रामीण व इसीएल प्रबंधन के बीच वार्ता के बाद कोयला ढुलाई शुरू हुआ. ललमटिया मुख्य मार्ग डोय चौक के पास वाहन दुर्घटना में घायल स्थानिय चालक को मुआवजा को लेकर जाम कर दिया था.
तीन दिनों से सड़क जाम में फंसे इसीएल व ठेका कंपनी को करीब दो करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ, जबकि ट्रांसपोट्रिंग कंपनी को 55 लाख की क्षति हुई. तीन दिनों से मार्ग अवरुद्ध होने के कारण करीब 45 हजार टन कोयला पीरपैंती नहीं जा सका.
क्या है मामला
रविवार को डोय के पास परियोजना के कोयला वाहक हाइवा की चपेट में स्थानिय चालक हो गया था. इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजा की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया था.
देर शाम ठेका कंपनी सीआइसी के प्रबंधक से दूरभाष पर हुई बात में मुआवजा का आश्वासन दिया गया था, लेकिन नहीं मिलने के बाद सोमवार की सुबह से ही ग्रामीणों ने दोबारा सड़क जाम कर दिया. यात्री वाहनों के साथ आम लोगों को सड़क जाम से मुक्त रखा गया. केवल कोयला वाहक वाहनों को रोका गया.
जाम के कारण नहीं जा सका 45 हजार टन कोयला
सड़क जाम के कारण करीब 45 हजार टन कोयले की ढुलाई ठप रही. हर दिन 200 से अधिक कोयला वाहक ट्रक व हाइवा से ढुलाई की जाती है. इसमें इसीएल के आधे दर्जन ठेका कंपनियां शामिल है. सड़क जाम के कारण केवल इसीएल को दो करोड़ तथा ठेका कंपनी को 55 लाख रुपये का नुकसान हुआ.
समझौते के बाद शुरू हुआ परिचालन
मंगलवार को ग्रामीणों के साथ मेहरमा थाना प्रभारी भरत राम, इंस्पेक्टर व्यंकटेश शर्मा, एएसआइ अनिल झा, अशोक सिंह, ललमटिया इंसपेक्टर वाल्मिकी प्रसाद, जिप उपाध्यक्ष अशोक साह के साथ सीआइसी कंपनी के मैनेजर प्रमोद श्रीवास्तव ने ग्रामीणों के समक्ष कंपनी की ओर से घायल योगेश यादव के इलाज में आये खर्च व प्रति माह 100 रुपये भुगतान किये जाने का आश्वासन दिया गया. इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया.
