गोड्डा : सुंदरपहाड़ी के पहाड़िया गांव के लोगों को हर मौसम में पानी के लिये तरसना पड़ रहा है. आदिवासी पहाड़िया समुदाय की महिलाओं को पानी की जुगाड़ में सुबह होते ही घर छोड़ देना पड़ता है. महिला लंबी दूरी तय कर पानी लाती है, तब घर में खाना बनता है और परिवार के लोगों की प्यास बुझती है.
दो टोला में परेशानी बढ़ी
सुंदरपहाड़ी के बड़ा पाकतरी के चामड़ाड़े के नीचे व ऊपर टोला में पानी की किल्लत से ग्रामीण परेशान हैं. यहां एक भी चापानल नहीं है. नदी में चुआं खोद कर महिलाएं पानी लाती हैं. टोला के कई ग्रामीण झरना का दूषित जल पी कर अपनी प्यास बुझाते हैं.
क्या कहते हैं गामीण
ग्रामीण पतरास पहाड़िया, कामदेव पहाड़िया, सूरजा पहाड़िया ने कहा कि गांव में चापानल लगाने के लिए विभाग व प्रशासन का ध्यान नहीं हैं. दूषित जल पीने से पहाड़िया मलेरिया रोग की चपेट में हैं. जनप्रतिनिधि द्वारा भी सुधि नहीं ली जा रही है. ग्रामीणों ने उपायुक्त का ध्यान आकृष्ट करा कर चापानल दिये जाने की गुहार लगायी है.
