गोड्डा : प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवास कुमार सिंह की अदालत ने हत्या के आरोप में बबलू सोरेन व गोपाल सोरेन को दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम की कारावास की सजा सुनायी है. न्यायालय ने आरोपितों को दस-दस हजार का जुर्माना भी लगाया. जुर्माना नहीं देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी. सजा पाने वाले दोनों अभियुक्त सहाेदर भाई हैं. दोनों कटिहार जिले के दंडखोरा थाना के रहने वाले हैं. न्यायालय द्वारा विक्टीम कंपनसेशन के तौर पर दोनों सजायाफ्ता को तीन लाख रुपये मृतक की पत्नी को देने का आदेश दिया है. यह राशि जेल में अर्जित की गयी मजदूरी व सजायाफ्ता के चल व अचल संपति से वसूली जायेगी.
हत्या के जुर्म में दो भाइयों को उमक्रैद
गोड्डा : प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवास कुमार सिंह की अदालत ने हत्या के आरोप में बबलू सोरेन व गोपाल सोरेन को दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम की कारावास की सजा सुनायी है. न्यायालय ने आरोपितों को दस-दस हजार का जुर्माना भी लगाया. जुर्माना नहीं देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी. […]

क्या था मामला
मृतक मिस्त्री सोरेन मेहरमा थाना अंतर्गत बाघ झखरा गांव का रहने वाला था. वह ओझा गुणी का काम करता था. दोनों सजायाफ्ता गोपाल सोरेन व बबलू सोरेन 15 दिनों तक झाड़-फूंक कराने के लिए उसी के घर ठहरा हुआ था. 20 जुलाई 2016 की सुबह मरांगमय मुर्मू (मृतक की पत्नी) को अपने पति के फड़फड़ाने व गड़गड़ाने की आवाज आयी. उसने देखा कि बबलू सोरेन डभिया से उसके पति मिस्त्री सोरेन की गर्दन काट रहा है. चिल्लाने पर दोनों भागने लगे तो गांव वालों ने घेर कर उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया.
मृतक की पत्नी के बयान पर दर्ज हुई प्राथमिकी: मरांगमय मुर्मू के बयान पर मेहरमा थाना में दोनों आरोपित बबलू सोरेने व गोपाल सोरेने के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज हुई. पुलिस द्वारा अनुसंधान के बाद दोनों आरोपितों के विरुद्ध 16 सितंबर 16 को न्यायालय में हत्या का आरोप पत्र समर्पित किया गया.
आठ गवाहों की हुई गवाही
दौरा सुपुदर्गी के बाद मामला सत्रवाद 16/2017 में तब्दील हुआ. दोनों आरोपितों के विरुद्ध भादवि 302/34 में 21 फरवरी 2017 को आरोप का गठन हुआ. न्यायालय में पीपीआर के मंडल द्वारा आठ गवाहों की गवाही करायी गयी. अभिलेख में उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने उक्त फैसला सुनाया. आरोपी घटना के दिन से ही गोड्डा जेल में बंद है.
दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
सजा पाने वाले दोनों कटिहार जिला के रहने वाले हैं
छह लाख रुपये मृतक की पत्नी को देने का आदेश
20जुलाई 2016 को हुई थी मिस्त्री सोरेने की हत्या
21फरवरी 2017 को आरोप का किया गया गठन