रांची :गोड्डा विधायक श्री अमित मंडल के साथ हुए प्रकरण को मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने गम्भीरता से लिया है. उन्होंने मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा को निर्देश दिया है कि गृह सचिव के द्वारा गोड्डा विधायक श्री अमित मंडल प्रकरण की जांच कराएं. अग्रतर कार्रवाई के लिए 15 दिनों के भीतर इससे संबंधित जांच प्रतिवेदन सरकार को सौंपे. इसके साथ गोड्डा के वर्तमान आरक्षी अधीक्षक को तत्काल स्थानांतरित करते हुए मुख्यालय में योगदान करने का निर्देश दिया. पूर्णकालिक आरक्षी अधीक्षक की नियुक्ति होने तक दुमका के आरक्षी अधीक्षक अभी गोड्डा जिले के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे.
हटाये गये गोड्डा एसपी, फेसबुक पोस्ट के बाद उठे इस विवाद को लेकर थाने में MLA से की थी दो घंटे पूछताछ
रांची :गोड्डा विधायक श्री अमित मंडल के साथ हुए प्रकरण को मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने गम्भीरता से लिया है. उन्होंने मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा को निर्देश दिया है कि गृह सचिव के द्वारा गोड्डा विधायक श्री अमित मंडल प्रकरण की जांच कराएं. अग्रतर कार्रवाई के लिए 15 दिनों के भीतर इससे संबंधित जांच […]

क्या था मामला
गौरतलब है कि सांसद निशिकांत दुबे के बारे में वाट्सअप व फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट करने पर भाजपा नेता कृष्ण कन्हैया ने संजय कुमार मंडल व शुभम कुमार भगत के खिलाफ आइटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था. पुलिस ने गैरजमानतीय धाराओं के तहत दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने पूछताछ के लिए विधायक अमित मंडल व उनके पीए विजयश्री को रविवार को थाने में बुलाया था.
गोड्डा विधायक अमित मंडल के खिलाफ रविवार को नगर थाने में सनहा दर्ज किया गया. इससे पूर्व एसडीपीओ अभिषेक कुमार ने नगर थाने में उनसे करीब दो घंटे तक गहन पूछताछ की. एसपी हरिलाल चौहान ने बताया कि पूछताछ के दौरान विधायक ने विशेषाधिकार की बात कह कर अप्रत्यक्ष रूप से अनुसंधान व पदाधिकारियों को प्रभावित करने की कोशिश की, जिसके बाद सनहा दर्ज किया गया है. विधायक ने इस बात की शिकायत मुख्यमंत्री से की थी.
विधायक अमित मंडल ने कहा था – उनके दो अंगरक्षकों को वापस लिया गया था
उनके दो अंगरक्षक को नोटिस देकर वापस ले लिया. एसपी के नोटिस में ‘एक्सटरनल रस्ट’ की वजह से अंगरक्षक को वापस लिया गया है. मामले को श्री मंडल ने साजिश करार देते हुए कहा : मेरी जान को खतरा है. रात रात भर क्षेत्र में चलता हूं. किसी भी समय कुछ हो सकता है. इसकी सारी जवाबदेही पुलिस प्रशासन की होगी. विधायक व सांसद के क्षेत्र में किये जा रहे विकास कार्य को लेकर विपक्षी दलों को की भी साजिश हो सकती है. मामले को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष रखते हुए सदन में विशेषाधिकार का मामला उठाया जायेगा.