बताया जाता है कि चरकू सिंह गांव-गांव घूमकर कबाड़ व अन्य सामग्री खरीदता था. शनिवार को कबाड़ खरीदकर वह आया और रजमनिया में इसे बेचकर शराब पी. शराब पीते ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. परिजन उसे स्थानीय लोगों के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाये. चिकित्सक ने प्राथमिक इलाज के बाद उसकी स्थिति को देख रांची रेफर कर दिया. रांची ले जाने के दौरान रास्ते में ही युवक की मौत हो गयी. इधर, युवक की मौत का आरोप गांव के ही एक शराब विक्रेता पर लगाया गया है. हालांकि मामला गांव का होने के कारण इसे दबाने का प्रयास किया गया. रात भर समझौते का दौर चलता रहा. परिवार को उचित मुआवजा नहीं मिलने के कारण समझौता नहीं हो सका.
रविवार सुबह दी गयी बिरनी पुलिस को सूचना
रविवार की सुबह घटना की जानकारी बिरनी पुलिस को दी गयी. कुछ लोगों ने बिरनी थाना प्रभारी पर दबाव बनाकर आपस में समझौता कराने की कोशिश की. लेकिन थाना प्रभारी शव को पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेज दिये.
रजमनिया में अवैध महुआ शराब का है कुटीर उद्योग
बता दें कि रजमनिया गांव में बड़े पैमाने पर अवैध महुआ शराब की चुलाई के साथ बिक्री की जाती है. गांव में कई बार छापेमारी कर भट्ठियों को ध्वस्त किया गया है. इसके बाद भी धंधेबाज स्थल बदल-बदलकर धंधा करते हैं.कोटशराब पीने से मौत होने की बात कही जा रही है. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. अभी तक शिकायत नहीं मिली है. शिकायत मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जायेगी.
आकाश भारद्वाज, थाना प्रभारी