सिविल सर्जन डॉ बच्चा प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मलेरिया एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, लेकिन समय पर जांच और सही इलाज से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है. इसी उद्देश्य से विश्व स्वास्थ्य संगठन के तत्वावधान में वर्ष 2008 से प्रत्येक वर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है. हर साल इस दिन एक विशेष थीम तय की जाती है, ताकि मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को और मजबूती मिल सके.
लोगों को बताया जायेगा मलेरिया से बचाव का उपाय
सिविल सर्जन ने कहा कि जिले में शनिवार को जिला वीबीडी पदाधिकारी कार्यालय व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विशेष जागरूकता अभियान चलेगा. अभियान के तहत शहरी से लेकर ग्रामीण इलाकों तक स्वास्थ्य कर्मी पहुंचेंगे और लोगों को मलेरिया से बचाव के उपाय बतायेंगे. अभियान के दौरान मच्छरदानी के उपयोग, घर और आसपास जमा पानी को नष्ट करने, साफ-सफाई बनाये रखने तथा बुखार होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने के लिए लोगों को प्रेरित किया जायेगा. साथ ही पंपलेट वितरण और परामर्श के माध्यम से भी जागरूक किया जायेगा
