आग बुझाने के लिए आये बगल के गांव वृंदा निवासी पप्पू पंडित व अशोक साव ने बताया कि फायर ब्रिगेड, अंचलाधिकारी, पुलिस समेत स्थानीय मुखिया को भी इसकी सूचना दी गयी. सीओ संदीप मधेसिया ने काफी प्रयास भी किया, लेकिन फायर ब्रिगेड के खराब रहने के कारण उसने आने से मना कर दिया. वाहन खराब रहने का परिणाम यह हुआ कि गुरुवार देर रात तक जंगल में आग धधकती रही. बता दें कि राजादोर बेचिरागी गांव है. यहां लगभग 200 एकड़ गैरमजरुआ जमीन में डीवीसी के द्वारा वर्ष 2007-08 में पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए अपनी राशि से अकेसिया का पौधा लगाया गया था. पेड़ लगाये 18 वर्ष हो चुके हैं. इस वजह से पेड़ मोटे-मोटे हो गये हैं. वहीं, जंगल में उसके बीज गिरने से लाखों पौधे उग आये हैं. लोगों का कहना है कि अकेसिया पेड़ की डाली से लेकर पेड़ तक सारा कुछ उपयोगी होता है. पेड़ को काटने के लिए लोगों के द्वारा जानबूझकर आग लगा दी जाती है, ताकि पेड़ के सूखने के बाद उसे काटने में आसानी हो सके
Giridih News :असामाजिक तत्वों ने राजादोर जंगल में लगायी आग, झुलसे पेड़-पौधे
Giridih News :बिरनी प्रखंड मुख्यालय से महज छह किलोमीटर पश्चिम पडरिया पंचायत के बेचिरागी गांव कहे जानेवाले राजादोर जंगल में असामाजिक तत्वों ने गुरुवार की दोपहर आग लगा दी. आग इतनी भयावह थी कि इसमें लगभग 20 एकड़ जमीन पर लगे अकेसिया के हजारों मोटे पेड़ व लाखों छोटे पौधे जलकर नष्ट हो गये.
