कार्यक्रम में जल संरक्षण, जल संचयन, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन की दिशा में किये जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गयी. मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और इसके संरक्षण के बिना मानव जीवन की कल्पना संभव नहीं है. आज पूरे विश्व में जल संकट एक गंभीर समस्या बनती जा रही है. ऐसे में हमें जल के महत्व को समझते हुए इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है. उन्होंने जलसहियाओं व मुखिया से कहा कि वे गांवों में जल संरक्षण के सच्चे प्रहरी हैं और उनके प्रयास से ही लोगों में जागरूकता बढ़ेगी. सरकार जल संरक्षण और पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है. हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जलसहियाओं से कहा कि वे समाज में जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. गांव-गांव जाकर लोगों को पानी बचाने, स्वच्छता बनाए रखने और जल स्रोतों को संरक्षित करने के लिए प्रेरित करना एक सराहनीय कार्य है.
जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत : नागेंद्र महतो
बगोदर विधायक नागेंद्र महतो ने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल सहिया बहनें जिस तरह से लोगों को जागरूक कर रही है, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है.
आमलोगों की भागीदारी जरूरी : डीसी
डीसी रामनिवास यादव ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है. जलसहिया गांवों में जाकर लोगों को स्वच्छ पानी के महत्व, जल स्रोतों की देखभाल और जल जनित बीमारियों से बचाव के बारे में जागरूक कर रही हैं, जो अत्यंत सराहनीय है. डीसी ने जल संरक्षण की दिशा में किये गये उत्कृष्ट कार्यों व अनुभवों को साझा किया. जिप अध्यक्ष मुनिया देवी ने कहा कि जल महोत्सव जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ती है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है. पंचायत स्तर पर जल संरक्षण के लिए तालाबों का जीर्णोद्धार, वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों की सफाई जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है.
बेहतर कार्य करने वाले मुखिया व जलसहियाओं को मिला सम्मान
इस के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले जलसहियाओं और मुखिया को प्रशस्ति पत्र व शॉल देकर सम्मानित किया गया. कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने जल संरक्षण के तकनीकी पहलुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी. धन्यवाद ज्ञापन डीडीसी स्मृता कुमारी ने की. मंच संचालन पेयजल व स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता अवील अंबाला व यूनिसेफ प्रतिनिधि शशांक शेखर ने किया. मौके पर बेंगाबाद प्रमुख, पेशम पंचायत की मुखिया, बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, जलसहिया बहनें, पंचायत प्रतिनिधि, समाजसेवी व अन्य उपस्थित रहे.
