Giridih News :विश्वनाथ नर्सिंग होम में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, हंगामा

Giridih News :गिरिडीह जिले के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बजरंग चौक स्थित विश्वनाथ नर्सिंग होम में सोमवार को इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गयी. महिला की मौत के बाद नर्सिंग होम परिसर में जमकर हंगामा हुआ. मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मारपीट किये जाने की भी शिकायत की है.

मृतका की पहचान डुमरी थाना क्षेत्र के जीतकुंडी निवासी मुकेश मंडल की पत्नी नीलम कुमारी के रूप में हुई है. परिजनों के अनुसार नीलम कुमारी की बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था. मृतका के पति मुकेश मंडल ने बताया कि 14 मार्च को वह पत्नी को लेकर नर्सिंग होम पहुंचे थे, लेकिन उस दिन चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण वे लोग वापस घर लौट गये. इसके बाद 15 मार्च को पुनः नर्सिंग होम आये, जहां चिकित्सकों ने जांच कराने के बाद नीलम कुमारी को भर्ती कर ऑपरेशन की सलाह दी. रविवार की रात महिला का ऑपरेशन किया गया. सोमवार की सुबह अचानक महिला की तबीयत बिगड़ गयी. परिजनों का आरोप है कि जब वे लोग मरीज को देखने के लिए आईसीयू जाना चाहते थे तो अस्पताल कर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया. परिजनों का कहना है कि उन्होंने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए रेफर करने की मांग भी की थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने इसे नजरअंदाज कर दिया. परिजनों के अनुसार जब वे लोग जबरन आइसीयू के अंदर पहुंचे तो देखा कि महिला की मौत हो चुकी थी. इसके बाद अस्पताल में काफी देर तक हंगामा होता रहा.

परिसर पुलिस छावनी में तब्दील, एक युवक हिरासत में

महिला की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों का गुस्सा और भड़क उठा. परिजनों ने अपने अन्य रिश्तेदारों और गांव के लोगों को नर्सिंग होम बुला लिया, जिसके बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा शुरू हो गया. स्थिति बिगड़ते देख अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गयी. सूचना मिलते ही मौके पर सिटी डीएसपी नीरज कुमार सिंह, नगर व मुफस्सिल थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह व श्याम किशोर महतो, पचंबा इंस्पेक्टर मंटू कुमार समेत काफी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान पहुंचे. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए मृतका के परिजनों के साथ मारपीट करने के आरोप में एक युवक को हिरासत में लेकर थाना भेज दिया. इसके बाद मृतका के परिजन अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में ही धरने पर बैठ गये. परिजनों ने नर्सिंग होम पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की मांग की. मृतका के पति मुकेश मंडल का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने बाहर से 10-15 लोगों को बुला लिया, जिन्होंने परिजनों के साथ बेरहमी से मारपीट की और उन्हें नर्सिंग होम से बाहर निकाल दिया. समाचार लिखे जाने तक परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए थे और अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ था.

झामुमो नेताओ के पहुंचते ही एक युवक ने किया अपशब्द का प्रयोग, पुलिस ने निकाला बाहर

घटना की सूचना मिलने के बाद झामुमो के गिरिडीह जिलाध्यक्ष संजय सिंह व जिला उपाध्यक्ष अजीत कुमार पप्पू समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता नर्सिंग होम पहुंचे. झामुमो नेताओं ने महिला की मौत की घटना की कड़ी निंदा करते हुए अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. इसी दौरान अचानक एक युवक अस्पताल परिसर के अंदर घुस आया और अस्पताल प्रबंधन के साथ-साथ झामुमो नेताओं के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करते हुए हंगामा करने लगा. युवक के इस व्यवहार से मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया. स्थिति बिगड़ती देख वहां तैनात पुलिस अधिकारियों ने युवक को अस्पताल परिसर से बाहर निकाल दिया. पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थिति को किसी तरह नियंत्रित किया गया. पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और मामले की जांच जारी है. सदर डीएसपी नीरज कुमार सिंह ने कहा कि हंगामा को शांत करा लिया गया है. यदि मृतका के परिजन किसी प्रकार का आवेदन देते हैं तो उनके आरोपों की जांच के उपरांत विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी.

लापरवाही का आरोप बेबुनियाद : डॉ एसके डोकानिया

मामले को लेकर विश्वनाथ नर्सिंग होम के डायरेक्टर डॉ. एसके डोकानिया ने अस्पताल पर लगाये गये सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया. कहा कि नर्सिंग होम प्रबंधन ने लापरवाही नहीं बरती है. मरीज का इलाज पूरी चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत किया गया. बताया कि महिला को बच्चेदानी से संबंधित गंभीर समस्या थी. रविवार की रात डॉ नीरज डोकानिया ने ऑपरेशन किया गया था. ऑपरेशन के बाद उसकी स्थिति सामान्य थी, लेकिन सोमवार की सुबह करीब नौ बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गयी. इसके बाद उसे आइसीयू में भर्ती किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. परिजनों द्वारा लगाये गये मारपीट के आरोपों पर सफाई देते हुए डॉ डोकानिया ने कहा कि मृतका के परिजन अचानक बड़ी संख्या में अस्पताल के अंदर घुस गये और डॉ नीरज के साथ मारपीटका प्रयास कर रहे थे. इस दौरान अस्पताल स्टाफ और डॉक्टरों ने अपनी जान की रक्षा के लिए कदम उठाये.

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By PRADEEP KUMAR

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