गांडेय प्रखंड के प्रोजेक्ट प्लस टू उच्च विद्यालय अहिल्यापुर में चल रहे भवन निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश रविवार को खुलकर सामने आया. निर्माण कार्य में अनियमितता और गुणवत्ता में कमी का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने दूसरी मंजिल की ढलाई का काम रुकवा दिया. ग्रामीणों का कहना है कि पहली मंजिल की ढलाई के बाद छत से पानी टपक रहा है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
पहले भी हुई थी शिकायत, जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद भी जारी रहा काम
ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो महीने पहले भवन निर्माण में अनियमितता की शिकायत उपायुक्त को आवेदन देकर की गयी थी. शिकायत के बाद उपायुक्त के निर्देश पर परीक्ष्यमान उप समाहर्ता जीवन टुडू के नेतृत्व में निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच करायी गयी थी. जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दी थी. इसके बावजूद संवेदक द्वारा निर्माण कार्य जारी रखा गया और दूसरी मंजिल का काम शुरू कर दिया गया.
मानक के विपरीत सरिया इस्तेमाल करने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि भवन निर्माण में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है. उनका कहना है कि पहली और दूसरी मंजिल में अधिक मात्रा में 8 एमएम सरिया का उपयोग किया जा रहा है, जबकि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं किया जायेगा, तब तक काम नहीं होने दिया जायेगा.
ग्रामीणों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से निर्माण कार्य की पुनः तकनीकी जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि विद्यालय भवन बच्चों के उपयोग के लिए बनाया जा रहा है, इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकती है.
कनीय अभियंता ने आरोपों को बताया निराधार
इधर, कनीय अभियंता रिजु मरांडी ने निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि भवन निर्माण का कार्य स्वीकृत स्टीमेट और तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जा रहा है. सभी कार्य विभागीय दिशा-निर्देशों के तहत कराये जा रहे हैं.
