जानकारी के अनुसार क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से गौवंश की लगातार चोरी हो रही थी. शनिवार की रात सोबरनपुर (दत्तेलावा) निवासी मो अब्दुला, तनवीर अंसारी तथा तोपचांची (लेदाटांड़) निवासी गुलाम ख्वाजा और मो रफीक मधुकट्टा के बगल एक टोला में पहुंचे थे. आरोप है कि ये लोग एक संताली परिवार के घर के बाहर बंधे मवेशियों के पास संदिग्ध स्थिति में पाये गये. आवाज होने पर पशु इधर-उधर भागने लगे, जिससे घरवालों को संदेह हुआ. घरवालों ने पूछताछ की, तो आरोपितों ने पशु खरीदने की बात कही. शोर होने पर आसपास के ग्रामीण जुटे और चारों को पकड़ लिया. इसके बाद रातभर ग्रामीणों ने उनसे पूछताछ की.
गांव में हुई पंचायत
रविवार की सुबह गांव में एक बड़ी पंचायत की गयी, जिसमें सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए. कई लोगों ने अपने मवेशियों की पूर्व में हुई चोरी की शिकायत भी की. घटना की सूचना मिलने पर एसडीपीओ सुमीत प्रसाद, बीडीओ मनोज कुमार मरांडी, सीओ ऋषिकेश मरांडी, मधुबन व खुखरा थाना प्रभारी दीपेश कुमार व रविंद्र कुमार सिंह गांव पहुंचे. शुरू में ग्रामीणों ने पुलिस को आरोपितों तक पहुंचने नहीं दिया. बाद में पंचायत के निर्णय के अनुसार, आरोपितों से राशि लेने का इकरारनामा कराया गया, जिससे क्षेत्र में हुई मवेशी चोरी की भरपाई की जा सके. इसके बाद ग्रामीणों ने चारों आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया.
चारों पुलिस की हिरासत में
फिलहाल सभी आरोपी खुखरा थाना पुलिस की हिरासत में हैं. एसडीपीओ ने बताया कि आरोपियों पर चोरी का प्रयास करने का आरोप है, जबकि इनके खिलाफ पूर्व में आपराधिक मामला दर्ज नहीं है. पूछताछ की जा रही है. संबधित थाना को चारों आरोपितों पर नजर बनाये रखने का निर्देश दिया गया है.
