Giridih News :फर्जी फाइनेंस अधिकारी बनकर करते थे ठगी, दो धराये
Giridih News : गिरिडीह जिले में बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सक्रिय साइबर पुलिस को बड़ी सफलता हासिल मिली है. पुलिस ने साइबर ठगी की घटना को अंजाम दे रहे दो युवकों को हिरासत में लिया है.
आरोपितों की पहचान बेंगाबाद थाना क्षेत्र के महदेया निवासी राजू मंडल और पंकज मंडल के रूप में हुई है. साइबर थाना को सूचना मिली थी कि कुछ साइबर अपराधी लोगों से ठगी कर रहे हैं. सूचना के सत्यापन के बाद साइबर डीएसपी आबिद खान के नेतृत्व में टीम गठित की गयी. इसमें साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत ने शामिल थे. टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी कर दोनों आरोपितों को धर दबोचा. आरोपितों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद हुआ है.
मोबाइल में मिले एपीके फाइल
जब्त मोबाइल की आरंभिक जांच में संदिग्ध एपीके फाइल समेत कई आपत्तिजनक जानकारियां मिली है. आशंका जतायी जा रही है कि इन्हीं फाइलों के माध्यम से साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा था. फिलहाल पुलिस दोनों आरोपितों को साइबर थाना लाकर पूछताछ कर रही है. साथ ही बरामद मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि साइबर ठगी के नेटवर्क, पीड़ितों की संख्या और अन्य संलिप्त अपराधियों का खुलासा हो सके.
खंडोली जंगल में साइबर पुलिस ने दी दबिश
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सूचना मिली थी कि कुछ साइबर अपराधी खंडोली जंगल क्षेत्र में छिपकर साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. इसके बाद पुलिस टीम छापेमारी के लिए खंडोली गयी. पुलिस को देख दोनों संदिग्ध भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया. इसके बाद दोनों को साइबर थाना लाया गया. पूछताछ के दौरान यह बात सामने आयी है कि गिरफ्तार आरोपित खुद को श्रीराम फाइनेंस कंपनी का फर्जी अधिकारी बताकर लोगों को अपने झांसे में लेते थे. वह लोन, किस्त और अन्य वित्तीय सुविधाओं से जुड़ी बातें कहकर आम लोगों से मोबाइल एप और लिंक के माध्यम से ठगी करते थे. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन साइबर अपराधियों ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और कितनी राशि ठगी है. पुलिस बरामद मोबाइल फोन और डिजिटल डेटा की तकनीकी जांच कर रही है.दो बार जेल जा चुका पंकज और लंबे समय से फरार था राजू
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार किये गये दोनों साइबर ठग काफी शातिर हैं. दोनों लंबे समय से साइबर ठगी कर रहे थे. बताया गया कि पंकज मंडल का आपराधिक इतिहास रहा है. वह पूर्व में साइबर अपराध के मामलों में दो बार जेल जा चुका है. जेल से छूटने के बाद भी वह ठगी करता रहा. वहीं, दूसरा आरोपी राजू मंडल भी काफी शातिर है. वह अब तक किसी भी मामले में जेल नहीं गया था, लेकिन पुलिस के लिए वह लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था. सूत्रों के अनुसार गिरिडीह के पूर्व साइबर डीएसपी भी उसकी लगातार तलाश कर रहे थे. अपने ठिकाने और काम करने के तरीकों को बार-बार बदलना उसकी आदत है. इसके कारण वह लंबे समय तक कानून की पकड़ से बाहर रहा.दो युवक हिरासत में, पूछताछ जारी : साइबर डीएसपी :
मामले को लेकर साइबर डीएसपी आबिद खान ने आधिकारिक तौर पर कुछ भी बताने से इनकार कर दिया है. इतना ही कहा कि दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
