जानकारी के अनुसार ननकी के पति की मौत पहले ही हो चुकी थी. परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण वह अपने तीन छोटे बच्चों का पालन-पोषण करने के लिए ढोड़ाकोला स्थित अवैध माइका खदान क्षेत्र में रहकर ढिबरा चुनती थी. इससे वह अपना और बच्चों क पालन-पोषण कर रही थी.
खदान में चाल धंसने की आशंका, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
बताया जाता है कि ननकी की मौत खदान क्षेत्र में ही हुई है. हालांकि, उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसको लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आयी है. सूत्रों के अनुसार खदान में चाल धंसने से उसकी मौत होने की चर्चा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. परिजन भी मौत के वास्तविक कारणों की सटीक जानकारी नहीं होने की बात कह रहे हैं.ग्रामीणों ने की सरकारी सहायता की मांग
बुधवार देर रात शव के गांव में पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. ननकी की मौत के बाद उसके तीन छोटे-छोटे बच्चे अनाथ हो गये हैं. ग्रामीणों मे प्रशासन से इन बेसहारा बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा और देखभाल के लिए तत्काल सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है.
