Giridih News :रामनवमी :डीजे की शोर में गुम हो गये पारंपरिक वाद्ययंत्र

Giridih News :हिंदू धर्मावलंबियों के लिए बेहद खास पर्व रामनवमी आधुनिकता का शिकार हो गया है. डीजे ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों को तो कबाड़ का हिस्सा बना दिया है.

झारखंडधाम क्षेत्र के बुजुर्ग बताते हैं कि होली खत्म होते ही रामनवमी की तैयारी शुरू हो जाती थी. ढोल और नगाड़े की थाप पर जानकार बच्चों और युवाओं को लाठी के करतब सिखाते थे. रोज शाम में एक निश्चित स्थान पर अखाड़ा जमता था. लाठी, भाला और तलवारबाजी के गुर बच्चे और युवा सीखते थे.

ढोल-नगाड़े पर युवा करते दिखाते थे करतब

रामनवमी के दिन पूरे विधि विधान के साथ पवनपुत्र हनुमान की पूजा-अर्चना के बाद महावीरी झंडा लेकर जुलूस की शक्ल में लोग झंडा मिलन के लिए एक बड़े मैदान में इकट्ठा होते थे. मैदान में ढोल और नगाड़े की थाप पर लाठी, भाला और तलवार के खेल का एक से बढ़कर एक करतब होता था. शादी ब्याह के साथ साथ डीजे अब पर्व त्योहार का जरूरी हिस्सा बन गया है. डीजे ने त्योहारों की ना सिर्फ परंपराएं तोड़ीं, बल्कि पारंपरिक वाद्ययंत्रों को गुम कर दिया है.

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Published by: Pradeep kumar

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