बुधवार को पचंबा थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में डीएसपी टू कौसर अली ने पूरे मामले का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि मंगलवार की देर रात गुप्त सूचना मिली थी कि पचंबा थाना क्षेत्र के बुढ़वा आहार के पास कुछ आपराधिक तत्व किसी घटना की योजना बना रहे हैं. सूचना के सत्यापन के बाद डॉ बिमल कुमार के निर्देश पर उनके नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल गठित किया गया. सूचना के आधार पर बताये गये स्थल पर छापेमारी की गयी. पुलिस ने देखा कि बुढ़वा आहार की सीढ़ियों पर तीन युवक संदिग्ध गतिविधियों में बातचीत कर रहे थे. पुलिस को देखते ही वे इधर-उधर भागने लगे. तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने तीनों को खदेड़कर पकड़ लिया. तलाशी के दौरान अजय साव के कमर से एक देसी कट्टा बरामद किया गया. इसके बाद तीनों को हिरासत में लेकर थाना लाया गया.
भरकट्टा ओपी में क्षेत्र में स्वर्ण व्यवसायी से लूटपाट का भी हुआ खुलासा
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किये गये तीनों युवक 28 फरवरी को भरकट्टा ओपी क्षेत्र अंतर्गत भलुआ-डुमुरवा मुख्य सड़क पर एक सुनसान पुल पर एक स्वर्ण व्यवसायी से लूटपाट की थी. लूट के दौरान अपराधियों ने व्यवसायी से करीब तीन लाख रुपये नकद के अलावा सोना-चांदी के आभूषण भी लूट लिये थे. वारदात के बाद से ही तीनों फरार चल रहे थे और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी. गिरफ्तारी के साथ इस लूटकांड का भी सफल उद्भेदन हो गया है. इसके अलावा पूछताछ के दौरान आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया है कि वे मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बदडीहा स्थित एक ज्वेलरी दुकान में चोरी की योजना बना रहे थे. आरोपियों ने बताया कि बीते सात मार्च को उन्होंने उक्त दुकान और उसके आसपास की रेकी भी की थी, लेकिन गिरोह में केवल तीन ही सदस्य होने के कारण वे चोरी करने का साहस नहीं जुटा सके. पुलिस के अनुसार यदि समय रहते इनकी गिरफ्तारी नहीं होती, तो जिले में एक और बड़ी आपराधिक घटना घटित हो सकती थी.बरामद सामग्री व छापेमारी दल में शामिल अधिकारी
पुलिस ने युवकों के पास से एक गोल्डन रंग का देशी कट्टा, एक लाल और काले रंग की बिना नंबर की बाइक और पांच हजार नकद बरामद किया है. दल में डीएसपी कौशर अली के अलावा, बगोदर-सरिया एसडीपीओ धनंजय राम, पचंबा इंस्पेक्टर मंटू कुमार, पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार, भरकट्टा ओपी प्रभारी अमन कुमार सिंह, पचंबा थाना के एसआई सोनू कुमार वर्मा, प्रशांत कुमार सिंह व एसआई रणजीत पिंगुआ समेत अन्य पुलिस कर्मी शामिल थे.
